उनके बेटे सुरेंद्र रेटका ने भी अपनी जीत का क्रम जारी रखा है। सुरेंद्र इससे पहले जिला परिषद शिमला के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने पिछला चुनाव अढ़ाल वार्ड से लड़ा था। इस बार अढ़ाल वार्ड आरक्षित होने के कारण उन्होंने सीमा रंटाड़ी वार्ड से चुनाव लड़ा और विजयी रहे। पिता और पुत्र दोनों की एक साथ जीत से उनके परिवार और समर्थकों में खुशी का माहौल है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। सुरेंद्र रेटका और प्रकाश रेटका ने अपनी जीत के बाद जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे हमेशा जनता के बीच रहेंगे। दोनों ने जरूरतमंद लोगों की सेवा करने का संकल्प दोहराया।