बयोट मोड के पास भूस्खलन होने से छह घंटे बंद रहा हाईवे-305, जिस कारण यहां सेब के भरी गाडियां
आनी की तरफ से कुल्लू की मंडियों में आ रही थीं सेब से भरे दस वाहन
दिन को पीडब्ल्यूडी बहाल कर रहा सड़कें, रात को बारिश से हो रहीं बंद
जिले में 67 सड़कों को बहाल करना बना चुनौती, 71 ट्रांसफार्मर किए चालू
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में किसानों-बागवानों के लिए बरसात परेशानी बन गई है। लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई दिन में सड़कों को बहाल कर रहा है लेकिन रात को बारिश होने से सड़कें दोबारा बंद हो रही हैं।
ऐसे में बागवानों का सेब भी फंस रहा है। सोमवार को हाईवे-305 जगह-जगह बंद होने से सेब के भरी गाड़ियां घंटों तक फंसी रहीं। भूस्खलन से हाईवे के साथ जिले की मुख्य और ग्रामीण सड़कें बार-बार अवरुद्ध हो रही हैं।
सोमवार को हाईवे-305 पर बंजार के साथ लगते बयोठ मोड़ के पास भूस्खलन हुआ। रविवार रात करीब दो बजे भूस्खलन से बंद मार्ग करीब आठ बजे सभी तरह के वाहनों के लिए खुला। सेब से भरीं करीब 10 जीपें घंटों तक फंसी रहीं। घियागी के पास भी भूस्खलन हुआ। हाईवे बंद होने की सूचना के बाद एनएच ने मशीनरी भेजकर हाईवे को खोला। इसके बाद सेब से लदी गाड़ियां सब्जी मंडियों के लिए रवाना हुईं। बताया जा रहा है कि सभी सेब की गाड़ियां आनी की तरफ से कुल्लू की तरफ आ रही थीं। जिले में जून से लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। 67 सड़कों को खोलना लोक निर्माण विभाग के लिए चुनौती बन गया है। राहत की बात है कि बिजली बोर्ड ने 71 विद्युत ट्रांसफार्मर बहाल कर दिए हैं। बिजली की समस्या सबसे ज्यादा लगवैली के करीब 100 गांवों में चल रही थी। अब मात्र सैंज के न्यूली में मात्र तीन ट्रांसफार्मर बंद हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि बरसात से लोगों की दुश्वारियों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। खासकर सड़क, बिजली और पानी की आपूर्ति नियमित रूप से शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है।