मणिकर्ण, बंजार, कुल्लू और तीर्थन घाटी के 100 से अधिक गांवों में पसरा अंधेरा
जिला में एक हाईवे के साथ 68 ग्रामीण सड़कें हुईं बंद, दस को किया बहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। वीरवार रात से जारी बारिश ने जिले के लोगों को डरा दिया है। शुक्रवार को दिनभर मूसलाधार बारिश होने से कुल्लू से लेकर लाहौल तक भारी नुकसान हुआ।
औट-बंजार-सैंज नेशनल हाईवे-305 बालीचौकी के साथ कई जगह सड़क पर नालों का मलबा आने और भूस्खलन के चलते घंटों तक बंद रहा। लारजी-सैंज मार्ग तलाड़ा के पास नाले का मलबा आने से करीब दो घंटे बंद रहा। दोनों तरफ बसों के साथ निजी वाहनों का कतारें लग गईं। तीन-चार दिन से तलाड़ा का नाला लोगों के साथ किसानों-बागवानों को परेशान कर रहा है। दिनभर हुई बारिश से बागवान सेब का तुड़ान भी नहीं कर पाए। शनिवार को जिला की सब्जी मंडियां बंद रहती है।
बारिश से बंजार, सैंज, तीर्थन, लगवैली, खराहल, गड़सा, पार्वती घाटी के साथ पतलीकूहल व नग्गर क्षेत्र में भारी बारिश से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ब्यास के साथ छोटे नाले भी उफान पर होने से लोगों में दहशत फैल गई है। शाम तक घाटी में 68 सड़कें बंद रहीं। दस सड़कों को बहाल किया गया है। पार्वती घाटी में अंधेरा पसर गया है। मणिकर्ण, बरशैणी, दिरार,न्यूली और गुशैणी में 101 ट्रांसफार्मर जाम हो गए हैं। इससे इन इलाकों में 100 से अधिक गांवों में अंधेरा छा गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अभी तीन से चार दिन तक बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू अश्वनी कुमार ने कहा कि बारिश से जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने लोगों से अलर्ट रहने की अपील की है।