कुल्लू। जिले में वायरल हेपेटाइटिस के बढ़ते मामलों पर अब नियंत्रण पा लिया गया है। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में इस समय महज दो मरीज उपचाराधीन हैं।
जुलाई में लगातार बारिश के बाद कुल्लू शहर के साथ खराहल, लगवैली और गड़सा घाटी में वायरल हेपेटाइटिस के मामले तेजी से बढ़े थे। स्थिति नियंत्रित होने से स्वास्थ्य और जल शक्ति विभाग ने राहत की सांस ली है।
बारिश के दौरान वायरल हेपेटाइटिस के मामले लगातार बढ़ रहे थे। सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे थे। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में एक समय 20 से 30 मरीज उपचाराधीन थे।
अब मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। शुक्रवार को भी उपचार के बाद स्वस्थ हुए एक मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर निगरानी जारी रखी है।
वायरल हेपेटाइटिस के लक्षणों वाले मरीजों के चिकित्सकों की ओर से आवश्यक जांच करवाई जा रही है और बीमारी की पुष्टि होने पर बिना देरी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में वायरल हेपेटाइटिस की स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से पानी को उबालकर पीने की अपील की है। 20 लीटर पानी में क्लोरीन की एक गोली डालकर भी पानी को पीने योग्य बनाया जा सकता है। इससे वायरल हेपेटाइटिस के संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।