इसका ताजा उदाहरण वीरवार को हुई उड़ान के दौरान देखने को मिला। यात्रियों का आरोप है कि वीरवार को हुई उड़ान से कुछ अधिकारियों के तय मानकों से अधिक बजन का सामान भेजने से दो यात्रियों को सीट बुकिंग होने के बावजूद हेलीकॉप्टर से उतारा गया है।
आरोप यह भी है कि कुछ अधिकारी हेलीकॉप्टर से सब्जी, चिकन के साथ-साथ आटा तक ले जा रहे हैं। लिहाजा, वजन अधिक होने के कारण पायलट को मजबूरन कुछ यात्रियों को हेलीकॉप्टर से उतारना पड़ रहा है। निर्धारित मापदंडों के मुताबिक एक व्यक्ति अपने साथ दस किलो वजन तक का सामान ले जा सकता है, लेकिन कुछ यात्रियों के साथ-साथ अधिकारी और कर्मचारी तय मानकों से कहीं अधिक सामान ले जा रहे हैं, इससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
पायलट के आदेश के बाद अब उड़ान प्रभारी 23 के बजाय 20 यात्रियों की सूची तैयार कर रहे हैं। हालांकि इससे पहले बीस यात्रियों के अलावा सूची में तीन अतिरिक्त वेटिंग लिस्ट की सूची निकाली जाती रही है। इस संबंध में उड़ान समिति के सहप्रभारी आर धर्माणी ने कहा कि न तो अधिकारियों और न ही यात्रियों को दस किलो वजन से अधिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि उड़ान समिति मापदंडों के मुताबिक सामान भेज रही है। हालांकि इस बीच टीएमसी नेता बलदेव शर्मा ने कहा कि वीरवार को हेलीकॉप्टर में सामान का वजन अधिक होने के कारण एक विद्यार्थी के किताबें तक उतारी गईं।