कुल्लू में ओले गिरने से झड़ा सेब का फूल
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जिला कुल्लू में लगातार बारिश और ओलावृृष्टि से फसलें बर्बाद हो रही हैं। ओलावृष्टि से फलदार पौधों की फ्लावरिंग पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। दो दिन से जिला कुल्लू में हुई ओलावृष्टि ने लगभग बीस फीसदी सेब फसल तबाह कर दी है। बुधवार को भुंतर तहसील के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र बजौरा, कंडी, छुआरा और न्यूल आदि इलाकों में काफी ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से सेब, नाशपती, पलम सहित अन्य नकदी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
इससे बागबान और किसान चिंता में डूब गए हैं। दो दिन पहले ही जिला की खराहल और मणिकर्ण घाटी के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि ने सेब फसल को नुकसान पहुंचाया है। बागवानी विभाग की टीम ने इलाके का दौरा नुकसान की रिपोर्ट भेज दी है। इस इलाके में सेब की कुल फसल का 10 प्रतिशत ओले की भेंट चढ़ गई है। वहीं अब मौसम ने बुधवार को एक बार फिर बागवानों को बैकफुट पर ला खड़ा कर दिया है।
बागबान गिरधारी लाल ठाकुर, रोशन लाल, धर्म चंद, जगदीश कुमार, रमेश कुमार, विजय कुमार, दीनू, फागणू राम, मदन, दौलत राम, परस राम शर्मा और शिवदयाल ने कहा कि भुंतर के बजौरा क्षेत्र में बुधवार को काफी ओलावृष्टि हुई है। जिससे काफी नुकसान हुआ है। सेब की फ्लावरिंग के दौरान ओले से गिरने से अधिक नुकसान होता है। इससे फूल और पत्ते झड़ गए हैं। अगर मौसम का बिगड़ा मिजाज जारी रहा तो आर्थिकी कमजोर होगी। उधर, बागबानी उपनिदेशक डॉ रोशन लाल शर्मा ने कहा कि ओलावृष्टि वाले क्षेत्र में अधिकारियों को नुकसान के आकलन के लिए भेजा जाएगा। अभी सेब की पहली फ्लावरिंग हो रही है। ऐसे में मौसम का साफ रहना जरूरी है।