संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज (कुल्लू)। बंजार उपमंडल की ग्राम पंचायत चकुरठा और कोटला में ओलावृष्टि से किसानों और बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। चकुरठा पंचायत के पढारणी और शौहंला गांव में सेब, नाशपाती तबाह हो गए हैं।
कई बीघा जमीन पर मक्की, फ्रांसबीन, टमाटर और राजमा की फसल भी बरबाद हो गई। आधे घंटे तक लगातार हुई ओलावृष्टि ने तैयार फसल तबाह कर दी है। बीते 30 सालों से इस क्षेत्र में सेब और नाशपाती की फसल में गिरावट दर्ज की जा रही थी। इस साल बेहतर उत्पादन होने से बागवानों में खुशी थी, जिस पर पानी फिर गई।
बड़े ओले गिरने से जमीन पर सफेद चादर बिछ गई। किसानों-बागवानों ने ओलावृष्टि के कारण हुए नुकसान का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसान-बागवान प्रेम राणा, शेर सिंह, दुनीचंद, बलदेव सिंह, इंद्र सिंह, कुर्म दत्त, गुड्डू, रमेश कुमार और केहर सिंह ने कहा कि पढ़ारणी और शौहंला में खेतीबाड़ी ग्रामीणों की आय का मुख्य साधन है। इस क्षेत्र की राजमा की बाजार में भारी मांग रहती है।
सड़क सुविधा से महरूम इन दुर्गम गांवों में ओलावृष्टि ने किसानों-बागवानों की कमर तोड़ दी है। उधर, उपमंडलाधिकारी बंजार प्रकाश चंद आजाद ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों को बारिश और ओलावृष्टि से हो रहे नुकसान पर नजर रखने और क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला मुख्यालय की सड़कों, गलियों में भरा पानी
कुल्लू। जिलेभर में दोपहर के समय डेढ़ घंटे तक हुई झमाझम बारिश से कई जगहों पर किसानों-बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। जिला मुख्यालय कुल्लू की सड़कों और गलियों में पानी भर गया। नग्गर, भुंतर, बंजार, सैंज, मनाली, तीर्थन, खराहल, लगवैली में भी सोमवार दोपहर बादल बरसे। बागवान-किसान रामलाल, पृथ्वी राज, बुधराम, नैन प्रकाश, वेदराम ने कहा कि करीब एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश कृषि-बागवानी के लिए संजीवनी है।