कुल्लू। देव महाकुंभ के लिए पहुंचे जिलेभर के देवी-देवता अलौकिक नजारा दिखाकर अब देवालय लौट गए हैं। ढालपुर में हफ्ताभर देवी-देवताओं ने दिव्य दर्शन दिए। श्रद्धालुओं का भी तांता लगा रहा। अब लंकादहन के बाद देवी-देवता देवालय की ओर प्रस्थान कर गए हैं। शनिवार को करीब 20 देवी-देवता ढालपुर स्थित अपने अस्थायी शिविर में रुके।
रविवार को पूजा-अर्चना के बाद ये देवी-देवता भी देवालयों की ओर प्रस्थान कर गए। पूजा-अर्चना के बाद देवलुओं ने देवालय प्रस्थान की तैयारियां शुरू कर दीं। देवता वीरनाथ जनाहल, देवता कैला वीर खलोगी, देवता आदि ब्रह्मा खाेखण, देवता वीरनाथ शोगी, माता कोटली सोयल, तारा भंटति नग्गर, माता चामुंडा, माता पार्वती चौंग, माता त्रिपुरा सुंदरी नग्गर, देवता बालू नाग, देव नारायण, जमदग्नि ऋषि पीज, माता चामुंडा भागासिद्ध नरोगी वाद्ययंत्रों की स्वरलहरियों के बीच ढालपुर से अपने देवलुओं के साथ देवालय की ओर निकले। कई देवता रविवार जबकि कुछेक सोमवार को अपने देवालय पहुंच जाएंगे।
अभी तक करीब 250 देवी-देवता अपने देवालय पहुंच चुके हैं। देवी-देवताओं के देवालयों में पहुंचने के साथ ही सप्ताह भर से सूने पड़े देवालयों में रौनक लौट गई है। देवालय पहुंचने पर हारियानों की ओर से देवी-देवताओं का फूलमालाओं के साथ स्वागत किया गया। जिला देवी-देवता कारदार संघ के महासचिव टीसी महंत ने कहा कि दशहरा में शामिल होने के बाद अब अधिकतर देवी-देवता अपने देवालय पहुंच चुके हैं। निरमंड, आनी और अन्य दूरदराज क्षेत्र के देवी-देवता एक-दो दिनों के बाद देवालय पहुंच जाएंगे। दशहरा में शामिल होने को लेकर देवलुओं में खुशी का माहौल है। संवाद
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