उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल और पांगी की 51 पंचायतों में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव जुलाई माह में ही करवाए जाने की मांग उठने लगी है। लाहौल-स्पीति और पांगी खंड में 51 पंचायतों के 380 जन प्रतिनिधियों का पांच साल का कार्यकाल 24 जून को पूरा हो चुका है।
लाहौल पंचायत प्रधान संघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा है कि लाहौल में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव जुलाई माह में ही करवाए जाए। 15 माह से अधिक समय में घाटी के विकासात्मक कार्यों पर पहले ही कोरोना की मार पड़ी है। लाहौल में अब विकासात्मक कार्यों को आगे ले जाने में इस सीजन का महज दो से तीन माह ही शेष है। लिहाजा पंचायत चुनाव जुलाई माह में होने अनिवार्य हैं।
दो माह बाद ठंड से रुक जाएगा विकास
रांगचा गांव की अनुराधा राणा ने कहा कि इस समय लाहौल घाटी में कोरोना के सक्रिय केस भी बहुत कम है। समय को ध्यान में रखते हुए पंचायत चुनाव हो जाने चाहिए, जिससे विकास कार्यों को गति मिल सके। दो माह बाद ठंड के चलते यहां विकास की गति धीमी पड़ जाएगी।
विकास में भागीदारी की जाए सुनिश्चित
यूरनाथ पंचायत की पूर्व प्रधान सोनम छोमो ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के चहेतों को राजनीतिकरण में आगे नहीं आना चाहिए। इसके विपरीत जिले व क्षेत्र के विकास में सभी को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करवानी चाहिए, जिससे लोगों को लाभ मिले।
चुनावों में देरी करने का सवाल नहीं
कोकसर पंचायत के पूर्व उपप्रधान अमर चंद ने कहा है सरकार ने अब बिना कोविड टेस्ट रिपोर्ट के पर्यटकों को प्रदेश में आवाजाही की अनुमति दे दी है। इससे संभवत अब पंचायत चुनावों में देरी करने का कोई सवाल नहीं उठता है। जब पर्यटक आ सकते हैं तो चुनाव भी हो सकते हैं।
दो माह के दौरान हो सकते हैं विकास कार्य
नालडा गांव के रंजीत ने कहा है कि जब से कोरोना की शुरुआत हुई है, तब से विकास में बाधा रही है। दो माह बाद लाहौल में वैसे ही विकास कार्यों पर विराम लग जाएगा। उससे पहले विकास कार्य हो सकेंगे। जनजातीय क्षेत्र के विकास को देखते हुए चुनाव करवाने मे देरी नहीं होनी चाहिए।
घाटी में अन्य जिलों की तर्ज पर हो सकेगा काम
जसरथ गांव के प्रेम प्रकाश ने राज्य चुनाव आयोग व सरकार से आग्रह किया है कि समय रहते जुलाई माह में ही लाहौल, पांगी घाटी में पंचायत चुनाव करवाए जाए। इससे जनजातीय क्षेत्र लाहौल और पांगी घाटी में भी प्रदेश के अन्य जिला की तर्ज पर विकास कार्य शुरू हो सकेंगे।
बेहतर तरीके से विकास करवाते हैं प्रतिनिधि
सिस्सू पंचायत की पूर्व प्रधान सुमन ने कहा कि सरकार ने पंचायत का कामकाज देखने के लिए स्थानीय कमेटियों को कमान सौंपने के लिए लिखित फरमान जारी कर दिए हैं। लेकिन पंचायत का विकास पंचायत प्रतिनिधि ही बेहतर तरीके से कर सकता है। ऐसे में जल्द पंचायत चुनाव हों।