केलांग (लाहौल-स्पीति)। किसानों को सशक्त बनाने के लिए उदयपुर में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। शनिवार को प्रशिक्षण के अंतिम दिन 40 प्रतिभागियों को औषधीय पौधों की प्रजातियों जैसे कुथ, पुष्करमूल, जटामांसी आदि के बारे में बताया गया।
हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव डीसी राणा ने कहा कि किसानों को स्वदेशी फसलों के संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल खेती के तरीकों को अपनाने पर बल दिया।
उत्पादों के उचित भंडारण, पैकेजिंग और परिवहन के तरीकों के बारे में शिक्षित किया गया। इस दौरान डॉ. एमएल ठाकुर, डॉ. अमित चावला, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. किरण कुमारी, डॉ. सौरभ शर्मा, पंकज चोपड़ा, डॉ. शबनम कटोच, डॉ. यशवीर आदि मौजूद रहे। संवाद