फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kullu News: सेब सीजन के लिए मजदूरों से संपर्क साध रहे बागवान

Sat, 28 Jun 2025 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
विज्ञापन
विज्ञापन
सीजन के लिए एक महीना शेष, जिले में अगस्त में शुरू हो जाएगा सेब का तुड़ान
विज्ञापन

बागवानी विभाग ने लगाया है इस साल 65 लाख सेब पेटियों के उत्पादन का अनुमान

संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सेब सीजन के लिए एक महीना शेष रह गया है। अगस्त से जिले में सेब का तुड़ान शुरू हो जाएगा। ऐसे में बागवानों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बागवान सेब के बगीचों में दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं।
साथ ही बगीचों में सेब के तुड़ान, ढुलान आदि के लिए प्रवासी मजदूरों से संपर्क साध रहे हैं। जिले में इस साल बागवानी विभाग की ओर से 65 लाख सेब पेटियों के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।
विज्ञापन

जून के अंतिम सप्ताह में नाशपाती के तुड़ान ने तेजी पकड़ ली है। जुलाई में यह क्रम और भी तेज हो जाएगा। 20 जुलाई के बाद अर्ली वैरायटी का सेब मंडियों में दस्तक देगा। अगस्त में कुल्लू जिले में सबसे अधिक पाए जाने वाली वैरायटी का राॅयल डिलिशियस सेब मंडियों में उतरेगा।
जिले में इस बार पिछले साल के मुकाबले अधिक फसल है। ऐसे में बागवानों को सेब के दाम भी बेहतर मिलने की उम्मीद है। बागवान रविंद्र सिंह और गोपाल ठाकुर ने कहा कि बगीचों में सेब के तुड़ान के लिए प्रवासी मजदूरों की आवश्यकता रहती है। नेपाल और देश के अन्य राज्यों से सैकड़ों प्रवासी मजदूर सीजन के लिए आते हैं। अक्तूबर में सीजन निपटने ही वापस चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि बागवानों की ओर से सेब सीजन के दौरान मजदूरों को अच्छी दिहाड़ी दी जाती है। मौसम अनुकूल रहने पर सेब में रंगत बेहतर आएगी और बागवानों को भी मंडियों में अच्छे दाम मिलेंगे।


इस बार जिले में सेब की अच्छी फसल है। बागवानी विभाग की ओर से दिए गए शेड्यूल के अनुसार ही बागवान सेब बगीचों में दवाइयों का छिड़काव करें। - उत्तम पराशर, उप निदेशक, बागवानी विभाग कुल्लू
विज्ञापन



बागवानी से जुड़े हैं कुल्लू के 80 फीसदी लोग
जिले में 27,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि में सेब की पैदावार हो रही है। सेब कुल्लू में लोगों की आर्थिकी की रीढ़ है। करीब 80 फीसदी लोग बागवानी से जुड़े हैं। सेब बगीचों में बागवान आधुनिक किस्मों के पौधे लगाकर अच्छी कमाई भी कर रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें