अभियान-पांच...............
बोरियों में भरकर कचरा किया जा रहा डंप, निष्पादन की नहीं हो पाई कोई व्यवस्था
पहले मनाली कूड़ा संयंत्र आता था कचरा, अब लगा दी है रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतांग (लाहौल-स्पीति)। जिला कुल्लू के साथ लाहौल में भी कचरा निष्पादन की समस्या गहराने लगी है। शीत मरुस्थल में कूड़े का निष्पादन आफत बन गया है। कचरा निष्पादन के लिए संयंत्र नहीं लग पाया है। केलांग और कोकसर में दो संयंत्र लगाए जाने प्रस्तावित हैं, लेकिन तब तक कचरे को बोरियों में भरकर डंप किया जा रहा है। बोरियों में भरा में यह कचरा लाहौल की खूबसूरत वादियों में किसी धब्बों से कम नहीं लग रहा है।
15 जुलाई से पहले लाहौल से भी सारा कचरा मनाली के रांगड़ी कूड़ा संयंत्र में आता था। अब मनाली ने भी नगर निकाय के बाहर से कचरा लेना बंद कर दिया है। लाहौल जाने वाले पर्यटकों की अटल टनल रोहतांग पहली पसंद है, इसके साथ ही बर्फ का आनंद लेने के लिए पर्यटक लाहौल का रुख करते हैं। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए अब प्रशासन को कचरे की समस्या का हल निकालना होगा, अन्यथा मुश्किलें और बढ़ती जाएंगी।
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कूड़े के निष्पादन के लिए केलांग और कोकसर में संयंत्र लगाए जा रहे हैं। इसके लिए मशीनें मंगवाई गई हैं। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद सूखे और गीले कचरे का निष्पादन करना आसान हो जाएगा। प्रशासन की ओर से समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है।
-रजनीश शर्मा, एसडीएम केलांग
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कोकसर और सिस्सू पंचायत में पर्यटन सीजन में कूड़े की समस्या रहती है, जिसके स्थायी समाधान के लिए प्रशासन, सरकार और स्थानीय पंचायत को सोचना होगा। लाहौल में जिस तरह से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है, यहां पर फैल रहे कचरे का उचित निष्पादन जरूरी है।
-गोंबो राम, वार्ड नंबर पांच, कोकसर
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लाहौल घाटी में हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक अटल टनल रोहतांग होकर पहुंच रहे हैं। अगर घाटी में कूड़े-कचरे के ढेर लगे रहेंगे तो इसका असर पर्यटन कारोबार पर भी पड़ेगा। पर्यटक यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाएं, इसके लिए जरूरी है कि कचरे का उचित निपटारा किया जाए।
-दोरजे राम, वार्ड नंबर-4 कोकसर