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चार सप्ताह में हटाने होंगे 1030 अवैध कब्जे

Wed, 19 Oct 2016 09:50 PM IST
कुल्लू
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forest fire - फोटो : Amar Ujala
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हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद कुल्लू जिला में वन भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए कवायद तेज हो गई है। हालांकि राजस्व विभाग की ओर से निशानदेही में लेटलतीफी के कारण अवैध कब्जों को हटाने में दिक्कत पेश आ रही है। विभागीय टीम की ओर से निशानदेही के बाद ही अवैध कब्जा हटाया जा सकता है। वन विभाग का दावा है कि राजस्व विभाग के सहयोग के साथ अवैध कब्जों को हटाने की मुहिम को तेज किया जाएगा और हाईकोर्ट के आदेश की पालना करते हुए वन भूमि को विभाग के कब्जे में लिया जाएगा। निशानदेही को लेकर वन विभाग की ओर से उपायुक्त को पत्राचार किया जा रहा है। जिला कुल्लू में चार सप्ताह के भीतर करीब 1030 अवैध कब्जे हटाने होंगे। अकेले कुल्लू वन मंडल में अवैध कब्जों यह आंकड़ा करीब 775 है। इनमें से 645 मामले डिसाइड कर लिए गए हैं। इनमें कुछ मामले अपील में है।
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वन मंडल कुल्लू में दस बीघा से कम अवैध कब्जे के 611 मामले हैं। इनमें से अदालत से 512 मामले डिसाइड कर लिए गए हैं। जबकि दस बीघा से अधिक के 164 मामले हैं। जिसमें से 133 मामले डिसाइड कर लिए गए हैं। दस बीघा से कम वाले मामलों में वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए 159 अवैध कब्जे हटा लिए हैं। वहीं दस बीघा से अधिक वाले मामलों में 27 कब्जे हटाए गए हैं। राजस्व विभाग की ओर से निशानदेही के लिए टीम न मिलने के कारण अवैध कब्जों को हटाने में देरी हो रही है। कुल्लू वन मंडल में अवैध कब्जों के कई पेचीदा मामलों को पुलिस की सहायता से भी विभागीय कब्जे में लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि चार हफ्ते में अवैध कब्जे हटाने को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त आदेश जारी करते हुए कहा कि कोताही बरतने पर अवमानना का केस चलाया जाएगा। वहीं, कुल्लू के सभी डीएफओ को भी अगली सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं। कोर्ट के इन आदेशों के बाद वन विभाग सक्रिय हो गया है। इधर, डीएफओ कुल्लू डॉ नीरज चड्ढा ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार अवैध कब्जों को हटाया जाएगा। अवैध कब्जा हटाना वन विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं है। अवैध कब्जा हटाती बार कई बार कब्जाधारक उलझने लग जाते हैं, लेकिन कुल्लू वन मंडल में डीएफओ कुल्लू डॉ नीरज चड्ढा की सूझबूझ के चलते कई बड़े मामले शांतिपूर्वक तरीके से निपटाए गए हैं।
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