बंजार (कुल्लू)। ट्राउट के लिए प्रसिद्ध तीर्थन नदी में चार महीने का प्रतिबंध हटते ही मछली आखेट का सीजन शुरू हो गया है। अब तीर्थन की जलधारा में मछली आखेट के शौकीन उतरने शुरू हो गए हैं। खासकर पर्यटकों के लिए मछली आखेट प्रक्रिया आकर्षण का केंद्र रहती है। मत्स्य विभाग ने क्षेत्र में मछलियों के प्रजनन काल के चलते नवंबर से फरवरी तक मछली आखेट पर प्रतिबंध लगा रखा था। पहली मार्च से यह प्रतिबंध हटा दिया गया है। ऐसे में अब मछली पकड़ने के शौकीन तीर्थन नदी की ओर रुख करने लगे हैं। पर्यटक और स्थानीय लोग विभाग से परमिट लेकर मछली आखेट करने का आनंद ले रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्राउट मछली के संरक्षण के लिए भी प्रयास किए जाने की जरूरत है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए अवैध शिकार पर रोक लगाना भी बेहद जरूरी है, ताकि नदियों में मछलियों की संख्या बनी रहे। लोगों की मानें तो घाटी की नदी में बढ़ते प्रदूषण और करंट, जाल, विस्फोटक तथा अन्य अवैध तरीकों से हो रहा मछलियों का शिकार चिंता का विषय है। इसे रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की जरूरत है।
...
ट्राउट फिश से बढ़ रहा पर्यटन
तीर्थन नदी ट्राउट फिश के लिए प्रसिद्ध है और यहां ट्राउट आखेट के शौकीनों का आना लगातार बढ़ रहा है। यह मनोरंजन के लिए मुख्य आकर्षण बनता है तो वहीं स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। यही कारण है कि लोगों ने फिश फार्म भी खोल रखे हैं जो पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
0000