कुल्लू के सरवरी में होली उत्सव के दौरान एक दुसरे का रंग लगाते बच्चें।-संवाद
कुल्लू। भगवान रघुनाथ की नगरी कुल्लू में सोमवार को छोटी होली के अवसर पर खूब अबीर-गुलाल उड़ा। शहर के लोअर ढालपुर और आसपास के क्षेत्रों में जगह-जगह लोगों ने टोलियों में एकत्र होकर ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक ब्रज के होली गीत गाए। एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली का पर्व मनाया। स्थानीय लोग भी होली के रंग में रंगे नजर आए। एक दूसरे को गले लगाकर होली की बधाई दी।
छोटी होली पर बैरागी महंतों की टोलियों ने शहर में ढोल-नगाड़ों के साथ उत्सव मनाया और एक-दूसरे पर जमकर गुलाल उड़ाया। सबसे पहले बैरागी समुदाय के साथ गुलाल उड़ाकर होली की शुरुआत हुई। बाद में ढालपुर सहित पूरे शहर का भ्रमण कर घर-घर पहुंचकर होली मनाई और लोगों को बधाई दी।
स्थानीय निवासी पंकज ने बताया कि कुल्लू घाटी में भगवान रघुनाथ के आगमन के साथ ही होली की प्राचीन परंपरा निभाई जा रही है। वहीं, लोअर ढालपुर के भवानी भारद्वाज, आशीष शर्मा, विजय ठाकुर, विनित सूद, रितेश और देवेश भारद्वाज ने बताया कि कुल्लू में होली का पर्व एक दिन पूर्व मनाया जाता है। लोगों में होली का उत्साह इतना था कि सुबह से लोगों ने एक दूसरे पर रंग लगाना शुरू कर दिया। इस रंग में बच्चों से लेकर युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। इसके अलावा जिला मुख्यालय के स्कूल-काॅलेजों में भी होली उत्सव पर एक दूसरे पर गुलाल उड़ाया गया। संवाद