सरकार ने खत्म की पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए फायर एनओसी की अनिवार्यता
कुल्लू और मनाली में पर्यटन कारोबार से जुड़े हजारों कारोबारियों को मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। अब होटल एवं होमस्टे के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया में फायर एनओसी आड़े नहीं आएगी। सरकार ने होटल एवं होमस्टे के पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए फायर एनओसी की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है।
इस फैसले से कुल्लू-मनाली में पर्यटन कारोबार से जुड़े हजारों लोगों को राहत मिली है। खासकर कुल्लू-मनाली के होटल और होमस्टे संचालकों को इसका फायदा मिलेगा।
गौर रहे कि लंबे समय से फायर एनओसी की जटिल प्रक्रियाओं के कारण होटल और होम स्टे संचालक मानसिक और आर्थिक दबाव झेल रहे थे। इसको लेकर उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए मनाली के विधायक विधानसभा के सदन में मजबूती के साथ आवाज उठाई थी।
मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि मनाली का हर छोटा-बड़ा कारोबारी अब बिना किसी अनावश्यक बाधा के स्वाभिमान के साथ अपना काम कर सकेगा। प्रदेश सरकार ने मांग को स्वीकार करते हुए होटल एवं होमस्टे के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया से फायर एनओसी की अनिवार्यता को समाप्त करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। विधायक भुनेश्वर गौड़ ने सदन में कहा कि होटल और होम स्टे मालिक इस मापदंड का अनुसरण नहीं कर सकते हैं। अधिसूचना से पहले जो भवन तैयार हुए हैं, वह भी इसका अनुसरण नहीं कर पाएंगे, जो हेरिटेज भवन हैं, इनमें संयंत्र लगाना नामुमकिन है। इन लोगों को होटल रजिस्ट्रेशन से वंचित रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया और कहा कि हिमाचल को हम पर्यटन की दृष्टि से आगे लाना चाहते हैं। इस नीति में बदलाव लाया जाएगा।
अभी इस संबंध में कोई अधिसूचना नहीं मिली है। अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। इसके बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकेगा। जब सरकार ने करीब डेढ़ साल पहले इस शर्त को लगाया था, तब भी इसका विरोध किया गया था। - रोशन ठाकुर, अध्यक्ष, होटलियर एसोसिएशन मनाली