58 से 70 साल आयु के पेंशनरों को भी सभी वित्तीय देनदारियों का हो भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश पेंशनभोगी संघ ने 70 साल से ऊपर आयु के पेंशनरों को जनवरी 2016 से देय संशोधित वेतनमान के एरियर के भुगतान संबंधी वित्त विभाग की ओर से जारी ऑफिस मेमोरेंडम को विरोधाभासी और भ्रामक करार दिया है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष एलआर गुलशन ने कहा कि 25 जनवरी को हिमाचल पूर्ण राज्यत्व दिवस पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 70 साल से ऊपर आयु के सभी पेंशनरों को एक जनवरी 2016 से संशोधित वेतनमान के एरियर का एकमुश्त भुगतान करने की घोषणा की थी जो एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के लिए होनी चाहिए थी लेकिन ऑफिस मेमोरेंडम में 31 दिसंबर 2015 तक सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को ही संशोधित वेतनमान के एरियर के भुगतान करने के लिए पेंशन वितरण अथॉरिटी को निर्देश दिए हैं।
गुलशन ने कुछ समानांतर पेंशनर संगठनों के तथाकथित नेता सरकार के वित्त विभाग की ओर से 27 जनवरी को जारी ऑफिस मेमोरेंडम को बिना जाने ही सरकार की प्रशंसा कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि 58 से 70 साल आयु के पेंशनरों को भी सभी वित्तीय देनदारियों का शीघ्र एकमुश्त भुगतान किया जाए।
उन्होंने हैरानी जताई कि 20 जनवरी को मनाली में मुख्यमंत्री ने उनकी अध्यक्षता में मिले प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि जैसे ही प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक होगी, सभी पेंशनरों की वित्तीय देनदारियों का भुगतान कर दिया जाएगा लेकिन प्रदेश की अफसरशाही मनमाने ढंग से तुगलकी फरमान जारी कर पेंशनरों,कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर रही है।