जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का खामियाजा यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। प्राथमिक स्कूल कोटाधार में एक अध्यापक पांच कक्षाओं को लंबे अरसे से पढ़ा रहा है। अभिभावकों की मांग के मुताबिक यहां अन्य शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा रही है।
हैरानी की बात है कि बच्चे पांचवीं कक्षा में तो पहुंच गए हैं लेकिन उन्हें सौ तक गिनती नहीं आती है। बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। लंबे समय से स्कूल के एक अध्यापक का समय कागजी कार्रवाई में ही बीत जाता है। अभिभावकों का दावा है कि जब वे बच्चे से सौ तक गिनती पूछते हैं तो बच्चे को पूरी गिनती नहीं आती है।
स्कूल में 45 बच्चे पहली से पांचवीं कक्षा तक शिक्षा ग्रहण करते हैं। दस बच्चे पांचवीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। इनमें से अधिकतर बच्चों को गिनती तक नहीं आती है। अभिभावक शकुंतला देवी, मैना देवी, लता देवी, दुर्गा देवी, निहाल सिंह, यमन कुमार, भाग चंद, दयाराम, सवित्रा देवी, बुद्धि देवी, टेकचंद आदि ने कहा कि कई बार स्कूल में अध्यापक तैनात करने के लिए शिक्षा विभाग से मिले थे लेकिन शिक्षा विभाग ने उनकी मांग को दरकिनार किया। उन्होंने बताया कि सोमवार को मजबूरन बच्चों को उपायुक्त कार्यालय में लाना पड़ा। उन्होंने बताया कि सोमवार को उन्होंने बच्चे स्कूल भेजने के बजाए उपायुक्त कार्यालय पहुंचाए। अभिभावकों का कहना है कि उनके पांचवीं कक्षा के बच्चे को सौ तक गिनती तक नहीं आती है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द शिक्षा विभाग और प्रशासन ने स्कूल के लिए अन्य अध्यापक नहीं भेजा तो वे प्रशासन और शिक्षा विभाग का घेराव करने से गुरेज नहीं करेंगे। उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर का कहना है कि मामला मेरे ध्यान में सोमवार को आया है। स्कूल में एक और अध्यापक की तैनाती करने के लिए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं। जल्द इस समस्या का समाधान किया जाएगा।