मनाली (कुल्लू)। किसान आंदोलन के बावजूद मनाली में पर्यटकों का मेला लगा है। हर रोज हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं। किसान आंदोलन का मनाली के पर्यटन कारोबार पर खास असर नहीं दिख रहा है।
रोजाना 600 छोटे वाहनों के साथ 50 वोल्वो बसें मनाली पहुंच रही हैं। सोलंगनाला और अन्य पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की ठीकठाक भीड़ जुट रही है। पर्यटक बर्फ के बीच जमकर मस्ती कर रहे हैं। किसान आंदोलन के चलते पर्यटन कारोबार में कमी आने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन मनाली आने वाले वाहनों का रूट बदलने से पर्यटन कारोबार पर असर नहीं पड़ा।
बताया जा रहा है कि दिल्ली के मजनू टीला में सवारियां बैठाने के बाद वोल्वो बसें बाईपास से आ ही हैं। निजी वाहन भी दिल्ली सीमा से हटकर दूसरे मार्ग से हिमाचल की ओर आ रहे हैं। वोल्वो यूनियन की चेयरपर्सन लाजवंती ने बताया कि किसान आंदोलन का पर्यटन पर कोई असर नहीं है। रोजाना लगभग 50 वोल्वो बसें मनाली पहुंच रहीं हैं।
उनके अनुसार वोल्वो बसों का रूट बार्डर एरिया से हटकर है। मजनू टीला से बसें बाईपास से सीधा हिमाचल की ओर आ रही हैं। हिमाचल पर्यटन विकास निगम के उप महाप्रबंधक बीएस ओक्टा ने बताया कि पर्यटक बर्फ देखने के लिए काफी संख्या में मनाली आ रहे हैं। होटलों में 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी चल रही है। होटलियर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रोशन ठाकुर ने बताया कि बर्फबारी के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। संवाद