सनटन कंपनी ने तैयार किया शेड,अब मशीनरी लगाने का कार्य हुआ शुरू
पांच महीने से नगर परिषद बिना मशीनरी के खुद कर रही कूड़े का प्रबंधन
संजय भारद्वाज
मनाली (कुल्लू)। पर्यटन नगरी मनाली के रांगड़ी में बने नगर परिषद के कूड़ा संयंत्र केंद्र में लगभग पांच महीने के बाद कूड़े का निष्पादन शुरू होने वाला है। मई महीने से तमाम मशीनें लगाकर कूड़े को निषादित करने का कार्य आरंभ हो जाएगा। अब तक नगर परिषद अपने स्तर पर बिना किसी मशीन के ठोस और गलने वाले कूड़े को अलग-अलग कर रही है। मई के बाद यह कार्य मशीनों से शुरू किया जाएगा। इसके लिए कंपनी ने शेड बना दिया है।
गौरतलब है कि पूर्व में कूड़ा निष्पादन का कार्य नेक्स्टजन कंपनी करती थी। लेकिन, कूड़े का निष्पादन सही नहीं होने के कारण नगर परिषद ने अनुबंध रद्द कर सनटन नामक कंपनी को कार्य सौंपा है। नई कंपनी कूड़ा संयंत्र केंद्र में अपनी मशीनरी लगाएगी। शेड बनने के बाद मशीनें लगाकर कूड़े का निष्पादन शुरू हो जाएगा। कूड़े को निष्पादित कर पंजाब भेजा जाएगा। यहां बायोगैस प्लांट में इससे गैस बनेगी। ठोस कचरा हिमाचल के कारखानों में ही नष्ट किया जाएगा। नगर परिषद मनाली के अध्यक्ष मनोज लारजे ने बताया कि लगभग पांच महीने से नगर परिषद अपने स्तर पर कचरे का प्रबंधन कर रही है। नई कंपनी ने शैड बना लिया है। मई महीने के पहले सप्ताह तक कूड़े का निष्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
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मनाली विस क्षेत्र का कचरा लग रहा ठिकाने
रांगड़ी में मनाली शहर के अलावा आसपास की नौ पंचायतों का कूड़ा भी पहुंचता है। इसके अलावा मनाली विधानसभा में बने होटलों का कचरा भी मनाली पहुंचाया जा रहा है। नौ गांवों में पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से कचरा रांगड़ी तक पहुंचाया जाता है। जबकि शहर के सात वार्डों के कचरे का प्रबंधन नगर परिषद कर रही है।
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बाहर का कचरा लेना किया बंद
लगभग पांच महीने पहले तक रांगड़ी में कुल्लू, लाहौल, बंजारा और भुंतर का कचरा भी पहुंचता था। कचरे का निष्पादन सही नहीं होने से रांगड़ी में कूड़े का पहाड़ बन गया। इसके लिए नगर परिषद पर एनजीटी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करोड़ों रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसको देखते हुए नगर परिषद ने मनाली के अलावा अन्य इलाके का कचरा मनाली में निष्पादित करना बंद कर दिया है।
-संवाद