कुल्लू। जिलावासियों ने धूप खिलने पर राहत की सांस ली है। लगातार बरसते बादलों से आम लोगों के साथ शासन, प्रशासन, किसान-बागवान व घाटी घूमने आने वाले सैलानी परेशान हैं। वीरवार को दिनभर खिली धूप के बाद भी आनी से लेकर कुल्लू तक लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं।
हालांकि लोक निर्माण, बिजली बोर्ड व जलशक्ति विभाग ने जिला के अस्त-व्यस्त जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए मूलभूत सुविधाओं को रिस्टोर करने में तेजी लाई है। सड़कों पर गिरे मलबे व चट्टानों को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। जिला में बंद सड़कों की संख्या 104 की जगह बढ़कर 123 हो गई है। सबसे अधिक 49 सड़कें कुल्लू खंड में ठप हैं। आनी-निरमंड में 38 और बंजार में 36 सड़कें बंद हैं। हाईवे-305 भी खस्ताहाल है। बिजली नहीं आने से कई इलाके पांच से छह दिनों से अंधेरे में हैं। बिजली आपूर्ति नहीं होने से स्कूली विद्यार्थियों के साथ आम लोग परेशान हैं। भारी बारिश से पेयजल स्कीमों को भी खासा नुकसान होने से लोगों को टैंकर से पानी ढोना पड़ रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू अश्वनी कुमार ने कहा कि मौसम खुलने से बरसात से प्रभावित जनजीवन को सुचारु करने में मदद मिलेगी।
मौसम खुला पर बागवानों ने नहीं किया तुड़ान
कुल्लू। भले ही मौसम खुल गया हो लेकिन बागवानों ने सेब का तुड़ान नहीं किया है। सड़कों केे बंद होने से मंडियों में व्यापारी व आढ़ती सेब की खरीद करने से बच रहे हैं। आने वाले दिनों में मौसम विज्ञान केंद्र ने फिर से बारिश होने का अनुमान लगाया है। ऐसे में बागवान भी किसी तरह का रिस्क नहीं उठाना चाहते हैं। बागवान अमर सिंह, निका राम और सोहन लाल ने कहा कि मौसम खुल गया है पर सड़कें अभी बंद हैं।