पिछले साल अगस्त में आई आपदा से पहुंचा था सड़क को नुकसान
आरोप, सड़क की दशा सुधारने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे प्रोजेक्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पिछले साल अगस्त में मलाणा बांध फटने के बाद आई आपदा में क्षतिग्रस्त हुई जरी-मलाणा सड़क 10 महीने बाद भी दुरुस्त नहीं हो पाई है। ऐतिहासिक गांव मलाणा को जोड़ने वाली सड़क की हालत ठीक न होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मलाणा क्षेत्र में दो पावर प्रोजेक्ट हैं। यहां से करोड़ाें की कमाई यह पावर प्रोजेक्ट कर रहे हैं, लेकिन सड़क की खस्ता हालत को सुधारने के लिए अभी तक पावर प्रोेजेक्ट दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इससे ग्रामीणों में रोष है।
गौर रहे कि आपदा के बाद सड़क बंद होने से मलाणा के लिए तारस्पेन लगाया गया है। इसके माध्यम से गांव तक राशन और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया गया। बिजली की कई दिनों तक बाधित रही थी। दूसरी ओर, कई महीने बाद प्रोजेक्ट प्रबंधन ने ब्रिज फोर तक सड़क बहाल की, लेकिन यहां सड़क की हालत बेहद खराब है। जुलाई, अगस्त में फिर बरसात शुरू होगी। ऐसे में ग्रामीणों को फिर से डर सता रहा है कि भारी बारिश होने की स्थिति में एक बार फिर सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो जाएगी।
पंचायत मलाणा के प्रधान राजू राम ने कहा कि मलाणा सड़क का एक हिस्सा बेहद खराब है। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होते ही एक बार मलाणा के बाशिंदों को डर सताने लगा है। वर्ष 2024 की आपदा के चलते हुए नुकसान की भरपाई अभी तक नहीं हो पाई है।
उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने कहा कि मलाणा के लिए सड़क की पुनर्बहाली मानसून से पहले करने के निर्देश दिए हैं।