हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने केंद्र सरकार से मांग की है कि आगामी वित्त वर्ष 2016-17 के लिए संसद में पेश किए जा रहे बजट में कर्मचारियों की 5 लाख तक की वार्षिक आय को आयकर से मुक्त किया जाए। महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता एवं जिला कुल्लू अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष एलआर गुलशन ने कहा कि जनवरी 2016 से केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होंगी।
जिसका सीधा असर राज्य सरकार के कर्मचारियों पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नए वेतनमान लागू होने से कर्मचारियों के वेतन में अप्रत्याशित वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में चतुर्थ श्रेणी तक के कर्मचारी भी आयकर के दायरे में आएंगे। पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के लिए भी निकट भविष्य में पंजाब पद्धति पर आधारित छठे वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2016 से ही लागू होने वाली हैं।
जिसके चलते इन दोनों राज्यों के कर्मचारियों के वेतन में भी इजाफा होगा। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मांग की है कि कर्मचारियों की करमुक्त आय सीमा को 2.5 लाख से 5 लाख रुपये किया जाए। इस अवसर पर जिला महासंघ की वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुमन सोनी, उपाध्यक्ष रामलाल चौहान, रेखा मेहता, राम सिंह वर्मा, कमलेश गुप्ता, ऋतु गुप्ता, अर्चना ठाकुर, बहादुर सिंह, लाल चंद, गणेश और हरीश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।