निराशा ... सोना-चांदी के आसमान छूते दामों ने फीका किया धनतेरस का उत्साह
महिलाएं बोलीं- धूमिल हो गई पाई-पाई जोड़कर त्योहार पर गहने खरीदने की योजनस
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। कभी समृद्धि और शुभता का प्रतीक माने जाने वाले सोना-चांदी के गहने अब आम लोगों की पहुंच से बाहर हो चुके हैं। इस धनतेरस पर कुल्लू की महिलाएं मायूस हैं क्योंकि रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दामों ने उनकी वर्षों की बचत और उम्मीदों दोनों को तोड़ दिया है।
महिलाओं ने पाई-पाई जोड़कर धनतेरस और दीपावली पर आभूषण खरीदने की योजना बनाई थी लेकिन यह उम्मीद धूमिल हो गई है। सोना एक लाख 31 हजार रुपये दस ग्राम पहुंच चुका है। चांदी 1 लाख 82 हजार रुपये किलो है।
कुल्लू में भी हर बार लोग धनतेरस और दिवाली पर सोने-चांदी के आभूषण खरीदते रहे हैं। मान्यता है कि धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण खरीदना काफी शुभ होता है। इस बार पहले जिले के लोगों पर आपदा की मार पड़ी। जो उम्मीदें बची थीं, वह सोने-चांदी के बढ़े हुए भाव ने तोड़ दी हैं। महिलाओं ने कहा कि सोने-चांदी का भाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आभूषण पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। बेटियों की शादी के लिए सोने-चांदी के आभूषण खरीदना मुश्किल हो गया है। हर बार धनतेरस पर छूट मिलती थी लेकिन इस बार तो सोना-चांदी इतना अधिक महंगा हो गया है कि आम लोग खरीदने के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं।
सोना-चांदी के आभूषण खरीदना आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गया है। सोना-चांदी के दाम काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। इससे आभूषण खरीदना मुश्किल हो गया है। -रुचि देवी
पिछली बार सोना के दाम एक लाख से नीचे थे लेकिन एक साल में 30 से 40 हजार रुपये प्रति दस ग्राम बढ़ोतरी हुई है। यह आम आदमी के लिए काफी झटका देने वाला है। - धना देवी
हार-शृंगार की वस्तुओं में कुछ चीजों में जीएसटी कम होने से बेशक फायदा मिला है लेकिन सोने-चांदी के दाम बढ़ने से महिलाओं के आभूषण खरीदने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। - चंद्रा देवी