बरसात ने छीन ली कुल्लू की रौशनी, कुल्लू से मनाली और आनी तक 1097 ट्रांसफार्मर ठप
खंभे और हाई वोल्टेज लाइनें मलबे में दबीं, जिले भर में संचार व्यवस्था भी चरमराई
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बरसात ने कुल्लू की रफ्तार ही नहीं, रौशनी भी छीन ली है। पिछले पांच दिनों से जारी भारी बारिश और भूस्खलन ने जिले की बिजली व्यवस्था को घुटनों पर ला खड़ा किया है।
कुल्लू से मनाली और आनी तक 1097 ट्रांसफार्मर ठप हो चुके हैं। इससे करीब 1200 गांवों में अंधेरा छा गया है। पोल और हाई वोल्टेज लाइनें मलबे में दब चुकी हैं। इससे न सिर्फ रोशनी, बल्कि संचार व्यवस्था भी चरमरा गई है। बिजली बोर्ड के कर्मचारी लगातार बहाली में जुटे हैं लेकिन कुदरत का कहर फिलहाल हर कोशिश पर भारी पड़ रहा है।
भूस्खलन से बिजली के खंभों और मुख्य लाइनों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बिजली बोर्ड के कर्मचारी बारिश में भी सप्लाई बहाल करने में जुटे हैं। स्थानीय लोगों की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है। बोर्ड के कर्मचारी देर रात तक बिजली को बहाल करने में जुटे रहे लेकिन बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बरसात से बिजली बोर्ड को करोड़ों का नुकसान हुआ है। जलशक्ति विभाग की 63 स्कीमें प्रभावित हुई हैं। राम सिंह, तीर्थ राम, दुनी चंद, लीला प्रकाश और सोहन सिंह ने कहा कि बिजली के बिना फोन बंद पड़े हैं। बंजार, रघुपुर, सैंज, मणिकर्ण, लगवैली व मनाली क्षेत्र में कई ऐसे गांव हैं जहां एक सप्ताह से बिजली नहीं है। जिले में सबसे अधिक 500 ट्रांसफार्मर बंजार और सैंज घाटी में बंद हैं। आनी में 97, मनाली में 157 और कुल्लू में 342 ट्रांसफार्मर ठप हैं। बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता आरएस ठाकुर ने कहा कि कुल्लू सर्किल में 2612 बिजली ट्रांसफार्मर हैं। इनमें 1,000 से अधिक प्रभावित हैं। कर्मचारी युद्धस्तर पर काम पर लगे हैं।