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Kullu News: एक था गधा...नाटक ने सत्ता, व्यवस्था पर किया व्यंग्य

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कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के तहत दशहरा कमेटी की ओर से आयोजित नाट्य प्रस्तुतियों के तीसरे दिन मंगलवार को अटल सदन, कुल्लू में प्रसिद्ध रंगकर्मी केहर सिंह ठाकुर के निर्देशन में नाटक ‘एक था गधा उर्फ अलादाद खान’ का मंचन किया गया। एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन की इस प्रस्तुति ने दर्शकों को जहां खूब गुदगुदाया, वहीं सत्ता और व्यवस्था की सच्चाई से रूबरू करवाते हुए उन्हें सोचने पर भी मजबूर किया।
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प्रसिद्ध व्यंग्यकार शरद जोशी द्वारा लिखित इस नाटक में सत्ता के अहंकार, चाटुकारिता, दिखावे और व्यवस्था की संवेदनहीनता को व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया। नाटक की कहानी एक ऐसे नवाब के इर्द-गिर्द घूमती है, जो हर समय अपनी तारीफ सुनना चाहता है। कहानी में मोड़ तब आता है, जब नवाब को पता चलता है कि अलादाद खान नाम के एक आम आदमी की मृत्यु हो गई है। अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए वह उसके जनाजे में शामिल होने और इसका सीधा प्रसारण करवाने की योजना बनाता है। हालांकि, ऐन मौके पर पता चलता है कि अलादाद खान नाम का कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि एक धोबी का गधा मरा है।
इस खुलासे से शासन और प्रशासन में हड़कंप मच जाता है। अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए व्यवस्था के जिम्मेदार लोग एक गरीब और ईमानदार व्यक्ति अलादाद को पकड़कर उसकी हत्या कर देते हैं और उसके जनाजे को प्रचार का माध्यम बना देते हैं। इस घटनाक्रम के जरिए नाटक सत्ता की स्वार्थपरता और आम आदमी के प्रति व्यवस्था की संवेदनहीनता पर तीखा प्रहार करता है। नाटक में केहर सिंह ठाकुर के साथ रेवत राम, परमानंद, शिवांगनी, सेजल, गीतांजलि, सोनिया, अनन्या आदि ने अभिनय किया। संवाद
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