हवाई उड़ानें नहीं होने से लोगों में रोष
- फोटो : अमर उजाला
मौसम खराब होने के कारण शनिवार को भी दूसरे दिन लाहौल की दोनों उड़ानों को रद्द कर दिया गया। यात्रियों फिर पांच घंटे इंतजार के बाद मायूस होकर घर लौटना पड़ा। शेड्यूल के मुताबिक शनिवार को भुंतर से बारिंग और रावा हेलीपैडों के लिए हेलीकॉप्टर ने दो उड़ानें भरनी थीं, लेकिन लाहौल के कुछ हिस्सों में खराब मौसम के कारण दोपहर बाद दोनों उड़ानों को रद्द करने की घोषणा कर दी गई।
बताया जा रहा है कि सीमा सड़क संगठन के रोहतांग दर्रा बहाल करने की घोषणा को देखते हुए राज्य सरकार जनजातीय इलाकों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा बंद करने जा रही है। वहीं यात्री और टैक्सी चालक दावा कर रहे हैं कि दर्रे को अभी पूरी तरह से बहाल नहीं किया गया है। यदि अब राज्य सरकार हवाई सेवा पर ब्रेक लगाती है कि तो जनजातीय आबादी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इधर, हेलीकॉप्टर के लिए सुबह 7 बजे से तांदी डाइट में इंतजार कर रहे यात्रियों को कड़ाके की ठंड से जूझना पड़ा।
उधर, रोहतांग दर्रा में रोजाना वाहनों के फंसने की खबरों के बीच हेलीकॉप्टर के इंतजार में कुल्लू फंसे यात्री दुविधा में फंस गए हैं। कुल्लू में फंसे यात्री सोहन, अमर और प्रियंका का कहना है कि एक तरफ रोहतांग दर्रा पूरी तरह से बहाल नहीं हुआ है वहीं, हेलीकॉप्टर सेवा भी सुचारु नहीं है। सीट आरक्षण को दिया गया आवेदन वापस लें या नहीं इस दुविधा में कई लोग फंसे हैं। कुल्लू में तैनात उड़ान प्रभारी योगराज धीमान ने बताया कि शनिवार दोपहर तक मौसम खुलने का इंतजार किया गया, लेकिन हालात को देखते हुए शनिवार की दोनों उड़ानों को रद्द किया गया है।