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घंटों चिकित्सकों का इंतजार करते रहे मरीज

Fri, 03 Feb 2017 10:07 PM IST
कुल्लू
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क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में डॉक्टरों की पेन डाउन स्ट्राइक के चलते ओपीडी के बाहर लगी रोगियों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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डॉक्टरों की दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक के कारण मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह आठ बजे ही कई मरीज उपचार के लिए जिला अस्पताल में पहुंचने शुरू हो गए थे। बंजार, बालीचौकी, लगवैली, नगवाईं, औट, सैंज, मणिकर्ण, लगवैली आदि इलाकों के मरीज सुबह ही पर्ची कटवाने के बाद ओपीडी के बाहर डाक्टरों का इंतजार करते रहे। साढ़े 11 बजे तक सैकड़ों मरीज तीन से चार घंटे तक डाक्टरों को इंतजार करते रहे। डाक्टरों के आने तक कई मरीज उपचार किए बिना ही अपने घर को लौटने को मजबूर हो गए। वहीं कुछ ने अस्पताल में उमड़ी मरीजों की भीड़ तथा ओपीडी में डाक्टरों के न होने से निजी अस्पतालों का रूख किया। जनरल तथा स्पेशल ओपीडी के बाहर उपचार के लिए काफी भीड़ लगी रही। तय समय के तहत चली चिकित्सकों की पेन डाउन हड़ताल के बाद जैसे ही डॉक्टर ओपीडी में पहुंचे तो मरीजों ने राहत की सांस ली। इसके बाद ही स्थिति सामान्य होने लगी।
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उपचार को पहुंची बालीचौकी की हीरा देवी, सुनीता, काथी कुकड़ी की उर्मिला, थरमाण की बबीता, बंजार के भगवान, मणिकर्ण के संगत राम, लगवैली के तेजी देवी, नगवाईं से राजेश ओर भुंतर की कलादेवी ने कहा कि वह सुबह आठ से ओपीडी के बाहर डाक्टरों का इंतजार कर रहे थे। उन्हें चार से पांच घंटे तक बैठना पड़ा। कुल्लू में 85 चिकित्सक पेनडाउन हड़ताल पर रहे। इसमें 16 दंत चिकित्सक भी शामिल रहे। चिकित्सकों की हड़ताल का असर जिला के आनी, निरमंड, बंजार, मनाली, भुंतर, सैंज, गुशैणी तथा लगौटी आदि स्वास्थ्य केंद्रों में पड़ा है।

प्रदेश चिकित्सक संघ की कुल्लू इकाई के महासचिव डॉ. राजेंद्र कोहली तथा प्रेस सचिव डॉ रमेश गुलेरिया के अनुसार शुक्रवार को पूरे जिला कुल्लू में डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर पेनडाउन हड़ताल पर रहे और दो घंटे तक कोई भी कामकाज नहीं किया है। डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और हड़ताल 12 फरवरी तक रहेगी। सीएमओ कुल्लू डॉ वाईडी शर्मा ने कहा कि 85 चिकित्सक पेनडाउन हड़ताल पर रहे। सुबह के समय मरीजों को कुछ परेशान होना पड़ा, लेकिन दोपहर स्थिति सामान्य हो गई। डाक्टरों की हड़ताल से सबसे ज्यादा परेशानी शिशु ओपीडी, गायनी और सर्जरी ओपीडी के मरीजों को होना पड़ा है। सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक वे अस्पताल में डॉक्टरों के आने का इंतजार करते रहे। वहीं ओपीडी डाक्टरों के राउंड करने के बाद दोपहर बाद दो बजे खुली।
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