हरिपुर (कुल्लू)। जवाहर लाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें नशीली दवाओं के सेवन से हो रहे नुकसान और मानसिक तनाव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था।
कॉलेज की प्रो. प्रीति ने कहा कि नशीली दवाओं का सेवन युवाओं को बर्बादी की ओर ले जा रहा है। प्रारंभ में शौक के रूप में लिया गया नशा, बाद में आदत बन जाता है। इससे न केवल परिवारों में चिंता का माहौल पैदा होता है, बल्कि सामाजिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि अगर छात्र और छात्राएं नशे का सेवन करते हैं, तो यह उनके साथ-साथ देश के भविष्य के लिए भी खतरनाक होगा। इस प्रकार की बुरी आदतों से दूर रहने के लिए जागरूकता जरूरी है।
कार्यशाला में प्रो. प्रीति के साथ प्रो. कृष्णा, प्रो. ज्योति, प्रो. साक्षी, प्रो. प्रियंका, और प्रो. मोनिका ने भी भाग लिया और छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों, छेड़छाड़, और मानसिक तनाव के प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। शिक्षिकाओं ने छात्राओं के साथ संवाद स्थापित किया और उनके प्रश्नों का उत्तर दिया।
गुड और बैड टच का समझाया महत्व
कार्यशाला के दौरान प्रो. प्रीति ने विशेष रूप से ‘गुड टच और बैड टच’ के बीच अंतर और मानसिक तनाव से मुक्त रहने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशे के आदी लोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों का शिकार हो जाते हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो सकता है। कार्यशाला में दी गई जानकारी के माध्यम से छात्राओं को नशे से बचने और एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया।