मनाली (कुल्लू)। कोलकाता में प्रशिक्षु चिकित्सक की हत्या के बाद अस्पतालों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की मांग उठ रही है। नागरिक अस्पताल मनाली में भी सुरक्षा व्यवस्था के कोई भी इंतजाम नहीं है। दिन-रात अस्पताल में कर्मचारी सेवाएं दे रहे है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर यहां एक भी सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं है। न ही सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा पर रही है।
नागरिक अस्पताल मनाली में हुड़दंगियों पर नजर रखने के लिए भले ही जगह-जगह कैमरे लगाए गए हैं। पूरे अस्पताल परिसर में लगभग 15 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। मगर सुरक्षा कर्मी के बिना इनका कोई फायदा नहीं है। ओपीडी के बाहर मरीजों में लाइनों में लगाने के लिए भी बहसबाजी हो रही है। रात को ड्यूटी देने वाली महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के भी इंतजाम नहीं है।
सूत्र बताते है कि अस्पताल प्रबंधन ने आलाधिकारी को पत्र लिख कर लगभग 15 सुरक्षा कर्मी तैनात करने की मांग कर रखी है। मगर अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं हुआ। अस्पताल प्रभारी डॉ. अंचित ने बताया कि अस्पताल में सुरक्षा कर्मी नहीं है। इससे दिक्कत होती है। स्थानीय लोगों के अलावा यहां पर्यटक भी इलाज के लिए पहुंचते हैं। कई बार लोग चिकित्सकों और अन्य स्टाफ से उलझ जाते हैं। ऐसे में यहां सुरक्षा कर्मी होना जरूरी है।