डीआरडीए सभागार कुल्लू में हुआ अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम
क्षेत्रीय अस्पताल की मेडिकल ऑफिसर ने आशा वर्करों को किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। खुद में आत्मविश्वास लाएं, किसी भी चीज से घबराएं नहीं। दूसरों को देखकर काम करने के बजाय पहले खुद को प्राथमिकता दें। यह बात क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की मेडिकल ऑफिसर डॉ. रीमा घई ने अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि कही।
उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज को आगे ले जा सकती हैं। लड़कियों में किशोर अवस्था में कई बदलाव आने लगते हैं। इनसे घबराएं नहीं। वर्तमान के खानपान और लाइफ स्टाइल के चलते अब मासिक धर्म शुरू होने की अवस्था जल्दी आ रही है। अगर यह अवस्था 8 से 9 साल के बीच हो रही है तो एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाएं। अच्छी सेहत के लिए खूब पानी पीएं, शारीरिक व्यायाम करें। महिलाओं में अकसर बच्चेदानी के मुंह के कैंसर की समस्या रहती है। इसका उपचार संभव है। यह ठीक भी हो जाता है। स्तन कैंसर की समस्या से भी महिलाओं को जूझना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि आप जागरूक रहें और निरंतर अपने शरीर की निगरानी करें। ब्लड कैंसर से शरीर में बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। महिलाएं अन्य किसी परामर्श के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के कमरा नंबर 108 में आकर संपर्क कर सकती हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की जन शिक्षा संप्रेक्षण अधिकारी निर्मला महंत ने कहा कि आशा वर्कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की प्राइमरी डॉक्टर हैं। जब वे आत्मविश्वास के साथ लोगों के बीच में जाकर स्वास्थ्य योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगी। तब कहीं सही मायने में अपराजिता कार्यक्रम सफल होगा।
कैंसर और मासिक धर्म के बारे में विस्तार से जाना। इस जानकारी को दूसरों के साथ भी साझा करूंगी। किशोर अवस्था में पहुंचने वाली लड़कियों के साथ होने वाले बदलाव को लेकर खुलकर बात करनी चाहिए। - पूनम कुमारी, आशा वर्कर आनी
महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। हर क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर सफलता का लोहा मनवाया है। महिलाओं के लिए जब इस तरह के कार्यक्रम करवाए जाते हैं तो निश्चित रूप से उनका हौसला बढ़ता है। - अंजना, आशा वर्कर, आरएच कुल्लू
समाज में अभी भी मासिक धर्म को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। क्षेत्रीय अस्पताल की डॉक्टर डॉ. रीमा घई ने सरलता और साधारण भाषा में कैंसर से बचाव को लेकर जागरूक किया। - रुचि अराेड़ा, आशा वर्कर
अपराजिता कार्यक्रम से महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में भी करवाए जाने चाहिए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी मिलने के साथ उनका उत्साह भी बढ़ेगा। -संगीता, आशा वर्कर, मौहल