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Kullu News: किडनी की बीमारी से बचाव के लिए रोगी की स्क्रीनिंग कर रहे चिकित्सक

Sun, 16 Mar 2025 10:46 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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पेट दर्द की शिकायत पर स्क्रीनिंग, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन करवा रहे डॉक्टर
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बच्चों से बुजुर्गों को रोग मुक्त रखने पर फोकस, दूरबीन के साथ हो रही ओपन सर्जरी
राजीव नैय्यर
कुल्लू। पेट दर्द की समस्याओं में किडनी की बीमारी वर्तमान में आम बन गई है, लेकिन लापरवाही के चलते यह बीमारी जानलेवा बन सकती है। ऐसे में लोगों को इस जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ सर्जन विशेष ध्यान दे रहे हैं।
बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों तक पेट दर्द की समस्या से जूझ रहे मरीज की स्क्रीनिंग की जा रही है। किडनी की बीमारी से संबंधित लक्षण दिखने पर चिकित्सक अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन की मदद ले रहे हैं।
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गौरतलब है कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू चार जिलों कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और चंबा के सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीज उपचार करवाने पहुंचते हैं। अस्पताल की सर्जरी और मेडिसिन ओपीडी रोजाना 300 के पार रहती है। अस्पताल की सर्जरी ओपीडी में 35 से 40 और मेडिसिन ओपीडी में 15 से 20 मरीज किडनी की पत्थरी और अन्य किडनी संबंधित बीमारियों से ग्रस्त पाए जा रहे हैं। इन सभी मरीजों का उपचार क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में ही हो रहा है। खास बात यह है कि मरीजों को ऑपरेशन के लिए मेडिकल कॉलेजों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। मरीजों का दूरबीन विधि के अलावा और ओपन सर्जरी भी की जा रही है। इससे समय की बचत के साथ मरीज को आर्थिक नुकसान भी नहीं झेलना पड़ रहा है, जबकि घर-द्वार के समीप उपचार की बेहतर सुविधा मिल रही है।



मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू डॉ. एनआर पवार ने कहा कि कुल्लू अस्पताल में बच्चों की किडनी की बीमारी से लेकर बड़ों की प्रो-स्टेट तक सभी बीमारियों का उपचार किया जा रहा है। कहा कि सर्जरी के तीन विशेषज्ञ चिकित्सक सेवा में हैं।



2024-25 में डायलिसिस के 3,140 सेशन



जिला कुल्लू की बात करें तो कुल्लू में किडनी रोग के मरीजों को डायलिसिस की निशुल्क सुविधा दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक डायलिसिस में 3,140 सेशन हो चुके हैं। मरीजों को डायलिसिस के लिए मेडिकल कॉलेज नहीं जाना पड़ रहा है। जिले में डायलिसिस के 55 मरीज हैं।
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किडनी की बीमारी का सबसे बड़ा कारण समय पर उपचार न करवाना है। किडनी में पत्थरी होने पर मरीज लापरवाही बरत लेता है, लेकिन यही लापरवाही उसके लिए जानलेवा साबित हो जाती है। पत्थरी का इलाज समय पर न होने से किडनी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है, जितना संभव हो सके पेट में दर्द के उपचार के लिए अस्पताल आएं। विशेषज्ञ चिकित्सक के परामर्श के अनुसार अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन करवाएं। -डॉ. कमल दत्ता, सर्जन

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