सैलानियों के न आने से बैकफुट पर आए पर्यटन नगरी के कारोबारी
कई होटलों में ताला लगाने की नौबत, शून्य हो गया पर्यटन कारोबार
उम्मीद- अगले महीने मिलेगा गति, ऑनलाइन पूछताछ कर रहे पर्यटक
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। मंडी जिले में आई आपदा के बाद मनाली का पर्यटक कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। मनाली एक तरह से खाली ही हो गई है। पर्यटन कारोबारी बैकफुट पर आ गए हैं। कई होटलों में ताले लगाने की नौबत आ गई है।
हालांकि, बरसात के बाद मनाली का पर्यटन कारोबार फिर रफ्तार पकड़ेगा। इसको लेकर ऑनलाइन खूब पूछताछ हो रही है। उम्मीद है कि अगले महीने से मनाली में फिर रौनक बढ़ेगी।
इस साल मनाली का पर्यटन कारोबार फीका रहा है। मई में भारत-पाकिस्तान तनाव से पर्यटन कारोबार घट गया तो जून में प्री मानसून की बारिश से पर्यटकों के कदम रुक गए। अब जुलाई में मंडी जिले में आई आपदा से पर्यटन कारोबार लगभग शून्य हो गया है। मनाली आने वाले पर्यटक वाहनों का आंकड़ा 150 से 200 तक सिमट गया है। रोहतांग दर्रा के लिए रोजाना 100 वाहन भी नहीं जा रहे। मालरोड खाली है तो अन्य पर्यटन स्थलों में भी रौनक गायब हो गई है।
होटलों की ऑक्यूपेंसी भी पांच से 10 प्रतिशत के बीच रह गई है। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गजेंदर ठाकुर ने कहा कि फिलहाल मनाली का पर्यटन कारोबार सही नहीं चल रहा है, लेकिन आने वाले समय में फिर रौनक बढ़ेगी। ट्रैकिंग सीजन जल्द शुरू होने वाला है। छुट्टियों का शेड्यूल भी है। ऐसे में मनाली फिर पर्यटकों से गुलजार होगी। होटलियर एसोसिएशन के निवर्तमान उपाध्यक्ष रोशन ठाकुर का कहना है कि मनाली का पर्यटन कारोबार फिलहाल बैकफुट पर है। बरसात के बाद फिर रौनक होगी। ऑनलाइन पूछताछ हो रही है। पर्यटन निगम के उप महाप्रबंधक बीएस ओकटा ने कहा कि होटलों के अधिकतर कमरे खाली हैं। ऑक्यूपेंसी पांच से दस प्रतिशत रह गई है।