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Kullu News: खोलड़ू पधर से लौट आएंगे मणिमहेश जा रहे श्रद्धालु

Mon, 25 Aug 2025 10:59 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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भारी बारिश और बर्फबारी से बढीं दुश्वारियां, थिरोट गांव के पास किया था ठहराव
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मान्यता... देव खेल में दिया रास्ता बंद होने का हवाला, संकेतों के बाद लौटेगा जत्था
पोरी मेले के बाद मणिमहेश यात्रा पर रवाना हुआ है 214 श्रद्धालुओं का यह जत्था
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। मणिमहेश यात्रा पर निकले त्रिलोकनाथ के श्रद्धालुओं की आस्था को इस बार मौसम ने बीच राह रोक दिया। भारी बारिश, ऊपरी चोटियों पर बर्फबारी और रापे गांव में देव खेल के दौरान मिले संकेतों के चलते अब यह जत्था मणिमहेश नहीं जा पाएगा।
कुल 214 पुरुषों और 40 महिलाओं का यह जत्था खोलड़ू पधर तक जाकर पूजा-अर्चना कर वापस लौटेगा। चंबा प्रशासन ने भी खराब मौसम को देखते हुए यात्रा पर रोक लगा दी है। हर वर्ष की भांति इस बार भी पोरी मेले के समापन पर सुबह श्रद्धालुओं का जत्था मणिमहेश दर्शन के लिए रवाना हुआ है। यह जत्था रविवार रात को थिरोट गांव के समीप रुका था। सोमवार को जत्था रापे गांव पहुंचा तो शाम 5:45 के करीब देव खेल हुई। चेलों ने देव खेल के माध्यम से आगे का रास्ता बंद होने की भविष्यवाणी की। बता दें कि घाटी में दो दिन से बारिश और ऊपरी चोटियों पर बर्फ के फाहे गिर रहे हैं। श्रद्धालुओं को 16,800 फीट ऊंचे कुगती जोत को भी पार करना है। यह ऐसे हालात के बीच काफी मुश्किल है।
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त्रिलोकनाथ से निकले जत्थे को मणिमहेश पहुंचने में पांच दिन लगते हैं। पहला पड़ाव थिरोट गांव के पास, दूसरा पड़ाव रापे और तीसरा पड़ाव खोलडू़ पधर, चौथा केलिंग मंदिर, पांचवा अल्यास में होता है। छठे दिन मणिमहेश पहुंचते हैं।
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जोबरंग पंचायत के पूर्व प्रधान सोम देव योकी ने बताया कि जत्थे के रापे पहुंचने पर वह वहां मौजूद थे। जब 5:45 बजे रापे में कुछ चेलों ने देवखेल के बाद आगे रास्ता बंद होने का हवाला दिया। अब यह जत्था खोलडू़ पधर तक जाएगा। यहां रस्मों की अदायगी कर वापस लौटेगा। वर्ष 2003 में भी ऐसे ही जत्थे को लौटना पड़ा था। उधर, चंबा प्रशासन ने हालातों को देखते हुए मणिमहेश यात्रा को स्थगित कर दिए हैं।
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