हरिपुर (कुल्लू)। ऊझी घाटी के हरिपुर में आयोजित पांच दिवसीय दशहरा मेले का समापन भव्य लंका दहन की परंपरा के साथ हुआ। देवता ठाकुर माधोराय और माता नीलासुरी पांच दिन तक मेला मैदान में अस्थायी शिविर में विराजमान रहीं। लंका दहन के दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने ठाकुर माधोराय के रथ को खींचकर पुण्य कमाया।
हरिपुर दशहरा मेले में देव परंपराओं का विधिवत निर्वहन किया गया। ठाकुर माधोराय के सम्मान में चंद्राउली और नृत्य बाणू की परंपरा भी निभाई गई। इसके अतिरिक्त मेला मैदान में पौराणिक देव परंपराओं के तहत सिराजी देव, ब्रह्मा, विष्णु, महेश और देवी के रूपों में स्वांग प्रस्तुत किए गए। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
ठाकुर माधोराय के पुजारी दौलत राम आचार्य और माता नीलासुरी के पुजारी ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि हरिपुर दशहरे में स्वांग और अन्य पारंपरिक आयोजन सदियों से होते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग अपनी संस्कृति और देव परंपराओं को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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सांस्कृतिक दलों को किया सम्मानित
दशहरा उत्सव के समापन कार्यक्रम में महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी मुख्यातिथि रहीं। मेला कमेटी की ओर से विद्या नेगी ने उत्सव में शामिल होने वाले सांस्कृतिक दलों, युवक और महिला मंडलों तथा गांव के 80 साल से अधिक की आयु के बुजुर्गों को सम्मानित किया।