कुल्लू के बिजली महादेव में काहिका उत्सव के दौरान भाग लेते देवी-देवता।-संवाद
खराहल (कुल्लू)। बिजली महादेव में आयोजित काहिका उत्सव में वीरवार को देवी-देवताओं ने सजयोल, नगाड़ों और नरसिंगों की स्वर लहरियों के बीच देव परंपराओं का निर्वहन किया। इस अवसर पर घाटी के सैकड़ों श्रद्धालुओं और भक्तों ने बिजली महादेव मंदिर स्थित मथान में माथा टेका और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ उमड़ी।
देव खेल देखने के लिए कुल्लू के विभिन्न क्षेत्रों से लोग बिजली महादेव मंदिर पहुंचे। माता भागासिद्ध और छमाणी नारायण की बिजली महादेव से विदाई हुई। माता भागासिद्ध अपने देवालय के लिए रवाना हो गईं, जबकि छमाणी नारायण ने सजयोल की थाप पर अपने देवालय के लिए प्रस्थान किया। बिजली महादेव के कारदार वीरेंद्र जंबाल ने बताया कि काहिका उत्सव में नड़ बदाह में बिजली महादेव और माहुटी नाग ही शामिल हुए। दोनों देवता शुक्रवार को देव परंपरा के मुताबिक नड़ बदाह की परिपाटी निभाएंगे।
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आज बिजली महादेव में नड़ होगा मूर्छित
बिजली महादेव परिसर में तीन साल बाद काहिका उत्सव में नड़ ओमप्रकाश देव शक्ति से मूर्छित होगा। यह सिलसिला देव हुणकी बाजे के साथ मंदिर में काहिका मंडप से शुरू होगा। शुक्रवार सुबह से नड़ और उसकी पत्नी नृत्य करेंगे। देवता के आदेश के अनुसार नड़ को मूर्छित किया जाएगा। इसके बाद देव शक्ति से ही उसे होश में लाया जाएगा।