कुल्लू। सरकारी स्कूलों में सामुदायिक सहभागिता के बिना विकास संभव नहीं है। एसएमसी के माध्यम से स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बेहतर कार्य किए गए हैं। यह बात रविवार को उच्च शिक्षा उपनिदेशक देशराज डोगरा ने कही।
देशराज डोगरा अटल सदन के सभागार में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से आयोजित समग्र शिक्षा के अंतर्गत सामुदायिक सहभागिता के जिला स्तरीय संवाद कार्यक्रम में मुख्यातिथि मौजूद रहे। इस दौरान विशेष अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त प्रिंसिपल घनश्याम शर्मा और सेवानिवृत्त उच्च शिक्षा उपनिदेशक जगदीश चंद उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि बीते वर्ष आपदा के कारण कई शिक्षण संस्थान क्षतिग्रस्त हुए थे, ऐसे में स्थानीय लोगों ने आगे आकर बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अपने घरों में जगह उपलब्ध करवाई, जिसे विभाग की ओर से सराहा गया।
प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों तक एसएमसी द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों को सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा प्रोत्साहन के तौर पर सम्मानित किया जा रहा है। स्कूलों में एसएमसी की नियमित बैठकें होती हैं और किसी भी विकासात्मक कार्य में समिति की सलाह महत्वपूर्ण होती है।
वहीं, प्रारंभिक शिक्षा एवं गुणात्मक शिक्षा उपनिदेशक सुनील दत्त ठाकुर ने कहा कि कार्यक्रम में प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक की एसएमसी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और स्कूलों में बेहतर सुविधाएं विकसित करने के लिए सरकार और शिक्षा विभाग लगातार प्रयास कर रहे हैं।