पतलीकूहल (कुल्लू)। ऊझी घाटी के पतलीकूहल, बाड़ी और जैंडी क्षेत्र के बाशिंदे दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। दो महीने से नलकों से मटमैला पानी आ रहा है। इससे लोगों के जलजनित रोगों की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है।
लोक निर्माण विभाग शिला-तराशी सड़क का निर्माण कर रहा है, लेकिन मलबा पेयजल साइट (प्राकृतिक जलस्रोत) के समीप फेंका जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कारण पानी दूषित हो रहा है।
पतलीकूहल, बाड़ी और जैंडी के बाशिंदे जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से समस्या की शिकायत कर चुके हैं। बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। मलबा फेंकने के मामले पर लोक निर्माण, वन और जल शक्ति विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। ग्रामीण बुद्धि सिंह, राज कुमार, लोत राम, संजीव, राकेश, हेमराज, ओम प्रकाश ने कहा कि नलकों में मटमैला पानी आ रहा है।
पानी को छान और उबालकर पीना पड़ रहा है। शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इस संबंध में जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता योगेश ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार को पेयजल साइट और इसके आसपास मलबा न फेंकने के निर्देश दिए गए हैं। ठेकेदार की ओर से मलबा फेंकने के कारण पानी दूषित हो रहा है।
....
शिकायत मिलने के बाद ठेकेदार को शिला-तराशी सड़क का निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। फेंके गए मलबे को साफ करने की संभावना तलाशी जा रही है।
-केडी कश्यप, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग
-संवाद