उपायुक्त हंसराज चौहान ने ट्रैकिंग और अन्य साहसिक गतिविधियां करवा रहे पंजीकृत टूर एंड ट्रेवल एजेंटों औरऑपरेटरों को सभी सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। मंगलवार को बचत भवन में जिले के विभिन्न पंजीकृत टूर एंड ट्रेवल एजेंटों व ऑपरेटरों के साथ आयोजित बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि ऐसी गतिविधियों में सुरक्षा प्रबंधों की अनदेखी कई बार पर्यटकों की जान खतरे में डाल सकती है। अगर कोई बाहरी या गैर पंजीकृत व्यक्ति साहसिक गतिविधियां करवा रहा है तो स्थानीय पंजीकृत ऑपरेटर इसको तुरंत प्रशासन या पर्यटन विभाग के ध्यान में लाएं।
उपायुक्त ने कहा कि इस संबंध में पर्यटकों को भी जागरूक किया जाएगा और उन्हें केवल पंजीकृत ऑपरेटरों व प्रशिक्षित गाइडों के माध्यम से ही ट्रैकिंग व अन्य साहसिक गतिविधियां करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए जिले के सभी महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों और विभिन्न ट्रैकिंग रूटों के प्रवेश रास्तों पर होर्डिंग भी लगाए जाएंगे जिससे पर्यटक केवल पंजीकृत व प्रशिक्षित ऑपरेटरों तथा पूरे सुरक्षा उपकरणों के साथ ही साहसिक गतिविधियां कर सकें। पर्यटन विभाग और टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों की वेबसाइटों तथा पंफलेट में ये सूचनाएं विशेष रूप से प्रदर्शित की जाएंगी।
उपायुक्त ने कहा कि अब किसी भी पर्यटक या पर्यटक समूह को ट्रैकिंग या पर्वतारोहण के लिए भेजने से पहले एजेंटों को स्थानीय प्रशासन या पर्यटन विभाग या नजदीकी पुलिस स्टेशन को ई-मेल के माध्यम से सूचित करना अनिवार्य किया जाएगा। इससे किसी भी तरह की आपात स्थिति में बचाव कार्य आसान होगा। बैठक के दौरान एडीएम विनय सिंह ठाकुर, पर्यटन उपनिदेशक रतन गौतम, पर्वतारोहण संस्थान के अधिकारियों, टूर एंड ट्रेवल ऑपरेटर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और साहसिक गतिविधियों के ऑपरेटरों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। नेगी हिमालयन एडवेंचर सर्च रेस्क्यू टीम कॉर्डिनेटर शेरा नेगी, फांडर एंड चीफ रेस्क्यू ऑफिसर छापे नेगी, टीम के सदस्य गंभीर सिंह और अजय कृष्ण महंत सहित अन्य लोग मौजूद थे।