स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिला की सभी पंचायतों, नगर पंचायतों एवं नगर परिषदों में स्वच्छता अभियान को कारगर साबित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर स्वच्छता की समीक्षा की जा रही है। ब्यास नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए कड़े निगरानी रखी जा रही है जिससे किसी भी नगर परिषद क्षेत्र में लोग प्लास्टिक व कूड़ा-कर्कट नदी में न फेंक सकें। ब्यास नदी से लगते हुए सभी पंचायतों एवं नगर परिषद मनाली, कुल्लू व भुंतर के अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मंगलवार को उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने स्वच्छता अभियान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि विशेषकर दशहरा उत्सव के दौरान कुल्लू कस्बे में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर परिषद के माध्यम से डोर टू डोर कूड़ा एकत्रित करने की व्यवस्था की गई है।
शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए कूड़ा उठाने के लिए छह ट्रैक्टरों का प्रबंध किया गया। इसके अतिरिक्त सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जगह-जगह पर लोगों की सुविधा के लिए 230 किलटे, रथ मैदान, प्रदर्शनी मैदान, मेन मार्केट, देवताओं के शिविर स्थल सहित अन्य मेला स्थानों पर दस मोबाइल शौचालय स्थापित किए गए। दशहरा उत्सव के दौरान समय-समय पर जिला प्रशासन द्वारा मेले में कीटनाशक व दुर्गंध रोकने के लिए ओरगेनिक स्प्रे के अतिरिक्त नियमित रूप से चुना और फिनाइल के भी छिड़काव करवाए गए। कुल्लू शहर को स्वच्छ बनाने के लिए 10 नवंबर को विशेष सफाई अभियान का आयोजन किया गया जिसमें नगर परिषद कुल्लू के दस वार्डों के साथ जिला के अन्य तीन नगर निकाय क्षेत्रों मनाली, भुंतर और बंजार के हर वार्ड में भी साफ-सफाई की गई।