उपायुक्त से मिला प्रतिनिधिमंडल, कहा- वलाधी गांव के लिए नदी पर नहीं बना पुल
पिछले साल हुए नुकसान का मुआवजा भी नहीं मिला, किसी ने भी नहीं सुनी फरियाद
जिला परिषद सदस्य रेखा की अगुवाई में उपायुक्त से मिला ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। डीसी मैडम... बरसात सिर पर है, लेकिन अभी तक मणिकर्ण घाटी के वलाधी वासियों के लिए नदी पर पुल नहीं बन पाया है। पिछली बरसात में बांध के पानी से घर और खेत-खलिहान बह गए थे।
प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर जिला परिषद की बैठकों में भी अधिकारियों के समक्ष यह मामला लाया गया, लेकिन कोई भी फरियाद सुनने के लिए तैयार नहीं है। यह मांग वलाधी वासियों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त कुल्लू से उठाई है। जिला परिषद सदस्य रेखा गुलेरिया की अध्यक्षता में ग्रामीणों ने उपायुक्त तोरुल एस रवीश से मुलाकात की और अपनी समस्या बताई।
रेखा गुलेरिया ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों से मामला उठाने के बाद भी समस्या हल नहीं हो रही है। जिला परिषद की बैठकों में भी यह मामला अधिकारियों के ध्यान में लाया गया, लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कुल्लू के विधायक से भी समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।
ग्रामीण नीटू कुमार और जमना देवी ने कहा कि एक साल पहले मलाणा-दो प्रोजेक्ट से पानी छोड़ने और मलाणा एक का डैम फटने से उनके खेत खलियान, घर और पुल बह गया है। अभी तक उन्हें मुआवजा तक नहीं मिला है। ग्रामीणों ने लकड़ी की पुलिया बनाई है। इन दिनों नदी का पानी बढ़ जाने से लोगों को परेशानी हो रही है। स्कूली बच्चों को ज्यादा दिक्क्त हो रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मलाणा प्रोजेक्ट प्रबंधन ने कच्ची मिट्टी से पानी रोककर बांध बना रखा है। यह बरसात में उनके लिए खतरा है। जमना देवी ने कहा कि उनका घर अब टापू में है। दोनों तरफ नदी बह रही है। मलाणा डैम से खतरा पैदा हो गया है। वह रात को चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं।
उधर, उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने आश्वासन दिया कि उनकी इस समस्या को हल करने के लिए एसडीएम या फिर तहसीलदार को मौके पर भेजा जाएगा।