अभी भी 17 ट्रांसफार्मर ठप, 101 सड़कों को खोलना भी विभाग के लिए चुनौती
रुक-रुककर हो रही बारिश से आ रही सड़कों की बहाली के काम में बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। लगातार बारिश से जूझ रही कुल्लू जिले की लगघाटी और बंजार घाटी के 60 गांव आखिरकार छह दिन बाद फिर से रोशन हो गए हैं। बिजली बोर्ड की कड़ी मशक्कत के बाद ब्लैकआउट खत्म हुआ लेकिन अब भी 17 ट्रांसफार्मर बंद हैं।
दूसरी ओर, लोक निर्माण विभाग के लिए 101 बंद सड़कों को खोलना बड़ी चुनौती बन गया है। सेब सीजन के बीच फंसे ट्रकों और बारिश की दोबारा वापसी ने बागवानों की परेशानी और बढ़ा दी है।
दो दिन तक धूप खिलने से जिले के किसानों-बागवानों के चेहरे खिल गए थे। शनिवार सुबह से घाटी में रुक-रुक बारिश का दौर जारी रहा और ठंड का प्रकोप बढ़ गया। उधर, बिजली बोर्ड ने कड़ी मशक्कत के बाद सैंज, बंजार और लगवैली सहित कई इलाकों में ब्लैक आउट दूर कर दिया है। छह दिन बाद बंजार और लगवैली के 60 से अधिक गांवों में अंधेरा छंट गया है। अभी 17 ट्रांसफार्मरों को बहाल करना बाकी है।
प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती सड़कों को बहाल करना है। दो दिन में लोक निर्माण विभाग मात्र 22 सड़कों को ही बहाल कर रहा है। 101 सड़कों पर यातायात बंद है। इन्हें खोलना विभाग के लिए आसान काम नहीं है। शनिवार को भी बारिश रुकावट बनी और सड़कों को बहाल करने में विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
पानी के लिए भी हाहाकार, लोग स्रोतों से ढो रहे पेयजल
जगह-जगह बागवानों का सेब फंस गया। जिले में अभी सेब का सीजन 50 फीसदी तक नहीं निपटा है। पीने के पानी के लिए भी हाहाकार है। शहर को जोड़ने वाली 24 घंटे की स्कीम को दुरुस्त करने में जलशक्ति विभाग के पसीने छूट गए है। कर्मचारी उफनती सरवरी खड्ड में उतर कर योजना को सुचारू करने में जुटे हैं। भूस्खलन न नदी-नालों में बाढ़ आने से करीब 70 पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। लोगों को नदी-नालों में जलस्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि मौसम साथ नहीं दे रहा है। सेब सीजन के लिए सड़कों को बहाल करना सबसे बड़ी समस्या है।