भूस्खलन के खतरे के बीच कोशुनाला और रेला के लोगों ने छोड़ा अपना घर
अनहोनी की आशंका में नहीं रुक रहे घरों में, बंदल गांव पर भी मंडराए खतरे के बादल
ग्रामीणों की मांग- जल्द भू-वैज्ञानिक सर्वे और सुरक्षा के उचित इंतजाम करवाए प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुशैणी (कुल्लू)। कुल्लू उपमंडल की शरची पंचायत के तहत कोशुनाला और रेला गांव के निवासियों पर प्राकृतिक आपदा का खतरा मंडरा रहा है। लगातार हो रहे भूस्खलन और बढ़ती दरारों के चलते ग्रामीणों ने अपने घर छोड़ दिए हैं।
उन्होंने रिश्तेदारों के घरों में शरण ली है। डर का आलम यह है कि रात्रि के समय किसी अनहोनी की आशंका में लोग अपने घरों में रुकने से कतरा रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब पास के बंदल गांव पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द भू-वैज्ञानिक सर्वे और सुरक्षा के उचित इंतज़ाम करने की मांग की है।
रेला निवासी उदय शर्मा, बिटू शर्मा, मेहर चंद, सुरेंदर ठाकुर, भाग चंद, धर्मा और टीटू ने कहा कि जब भी बारिश होती है उन्हें डर लगा रहता है कि भूस्खलन से नुकसान न हो। ऐसे में उन्होंने समय रहते ही अपने घरों को छोड़कर बच्चों के साथ रिश्तेदारों के घरों में शरण ली है। उन्होंने बताया कि 2023 में भी घरों के आगे-पीछे दरारें आई थीं लेकिन इस बार फिर से यहां दरारें आने से संकट बढ़ गया है।
उन्होंने बताया कि लगातार बढ़ रहे भूस्खलन के चलते अब बंदल गांव पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं क्योंकि गुशैणी से लेकर देवता शिरदु के स्थान तक दरारें आ चुकी हैं। यह बंदल गांव से लगभग 300 मीटर की दूरी पर है। इससे गांव को खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि गांव को बढ़ रहे खतरे को देखते हुए उचित कदम उठाए जाए ताकि इन गांवों को होने वाले खतरे को रोका जा सके।