पतलीकूहल क्षेत्र के सेरी नाला में बाढ़ से बही पुलिया को पार करने के लिए बच्चें को पीठ में डालकर
पतलीकूहल (कुल्लू)। मानसून की बारिश ने एक बार फिर कशेरी गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पतलीकूहल की पनगां पंचायत का कशेरी नाला उफान पर आने से नाले पर बनी लकड़ी की अस्थायी पुलिया बह गई है। इसके चलते गांव के करीब 100 लोगों का संपर्क उपमंडल और जिला मुख्यालय से कट गया है।
ग्रामीणों को अब बरसात के दौरान आवाजाही को लेकर चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नाले का रौद्र रूप हर बार परेशानी का कारण बनता है।
कशेरी नाले पर वर्ष 2025 में आई भीषण बाढ़ के दौरान बना पुल बह गया था। इसके बाद यहां नए लोहे के पुल का निर्माण शुरू किया गया लेकिन काम अभी शुरुआती चरण में है। स्थायी पुल तैयार नहीं होने के कारण ग्रामीणों के लिए लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाई गई थी, जो इस बार फिर तेज बहाव की भेंट चढ़ गई।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी पुल का निर्माण जल्द पूरा होना जरूरी है, ताकि बरसात के दौरान उन्हें ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े। उन्होंने प्रशासन से मौसम सामान्य होते ही निर्माण में तेजी लाने और तब तक सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध करवाने की मांग की है।
बाजार गए लोग फंसे
तेज बारिश के बीच नाले का जलस्तर बढ़ने से मंगलवार को बाजार गए कई ग्रामीण शाम के समय दूसरी ओर फंस गए। काफी देर तक जलस्तर कम होने का इंतजार करने के बाद ही वे आगे बढ़ सके।
आसपास के क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह
हालात को देखते हुए उपमंडल प्रशासन मनाली ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने कशेरी नाले और इसके आसपास के क्षेत्रों में जाने से बचने, नाला पार करने का प्रयास न करने और नदी-नालों के किनारे अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों से केवल प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है। एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने बताया कि आम जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है। वहीं, विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि ग्रामीणों को राहत देने के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।