कुल्लू जिला के बंजार घाटी में इन दिनों फागली उत्सव मनाया जा रहा है तीर्थन घाटी में देव नृत्य करते ?
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बंजार (कुल्लू)। जिला की सराज घाटी में फागली उत्सव का शनिवार को समापन हो गया। इसके अलावा उत्सव में देव कारज को देखकर श्रद्धालु दंग रह गए। देव व राक्षस के इस युद्ध में देवताओं की जीत हुई हो। लेकिन रात को लोग राख फेंक कर भूतों को भगाते रहे।
घाटी में कई स्थानों पर फागली के पर्व पर लोग कंटीली झाड़ियों पर इस कद्र कूदे कि मानों यहां मखमली चादर बिछी हुई हो। लिहाजा सराज घाटी में देव शक्ति का प्रदर्शन देखने को मिला। कई गांवों में लोगों ने परंपरा के अनुसार कांटेदार झाड़ियों के ढेर लगाए। इस पर देव गूर व मखोटे धारियों ने नंगे पांव नृत्य किया। लेकिन इस पूरी देव रीति में किसी को नुकसान नहीं हुआ। ग्रामीण आशीष, रोशन ठाकुर, भगवान सिंह ठाकुर, गुड्डू, दिनेश ने कहा कि कि घाटी के गांव रोपा, तांदी, सजवाड़, बेलहों, टील सहित उपमंडल के अनेक गांवों में फागली उत्सव की धूम रही। तीन दिनों तक मनाए जाने वाले इस फागली उत्सव का हारियानों, श्रद्धालुओं व पर्यटकों ने खूब आनंद उठाया। मान्यता के अनुसार इस उत्सव में भूत-प्रेत व बुरी आत्माओं को दूर भगाया जाता है। इस पर्व को मनाने के लिए घाटी के लोग राख इकट्ठा कररखते हैं। फागली के दिन लोग इस राख को नृत्य के समय मुखौटा धारियों व देवता के गूर के ऊपर फेेंका जाता है। इस दौरान अश्लील गालियों का भी दौर चला। मान्यता है कि राख फेंकने से क्षेत्र को बुरी आत्माओं को छुटकारा मिलता है। फागली में मेहमानों को पारंपरिक व्यंजन भी परोसे गए।