कुल्लू। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने सभी वाहनों में व्हीकल लोकेशन डिवाइस व पैनिक बटन लगाना अनिवार्य कर दिया है। परमिट लेकर चलने वाले वाहन चालकों को अब अपने वाहनों में जीपीएस व पैनिक बटन लगाना अनिवार्य होगा। लेकिन जीपीसी लगाने के लिए अधिकृत की गई पांच कंपनियों की ओर से अधिक वसूली के बाद कुल्लू टैक्सी ऑपरेटर विरोध में उतर गए हैं। टैक्सी ऑपरेटरों के विरोध के बाद अब परिवहन विभाग भी मामले में सख्त हो गया है। परिवहन विभाग ने इन कंपनियों के खिलाफ लगातार शिकायतें आने पर इनके अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। अगर छानबीन के दौरान यह कंपनियां मामले में गलत साबित होती है तो इन कंपनियों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। इसके बाद दूसरी कंपनियों को जीपीएस लगाने के लिए स्वीकृति प्रदान की जाएगी। गौर रहे कि अगर किसी वाहन में उक्त उपकरण नहीं हैं। तो वाहन का पंजीकरण नहीं होगा। सरकार ने इसमें दोपहिया, तीन पहिये और ऐसे वाहनों को मुक्त रखा है, जिसके लिए परमिट की आवश्यकता नहीं है। परिवहन विभाग में उक्त डिवाइस लगाने के बाद ही उक्त वाहन का पंजीयन हो सकेगा। टैक्सी यूनियन की सभी इकाईयों ने शनिवार को संयुक्त रूप से आरटीओ को ज्ञापन सौंपा है। टैक्सी ऑपरेटर राज डोगरा ने कहा कि उन्हें अपनी टैक्सियों में जीपीएस लगाने से कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जिन कंपनियों को सरकार की ओर से जीपीएस लगाने की स्वीकृति प्रदान की गई है, वे दो गुना दाम वसूल रहे हैं। इसको लेकर आज उन्होंने आरटीओ से मुलाकात की है। उन्होंने टैक्सी ऑपरेटरों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस मामले पर कार्रवाई की जाएगी। आरटीओ डॉ. अमित गुलेरिया ने कहा कि उन्हें शिकायतें मिली हैं। इस बाबत उन्होंने परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से भी बात की है। उन्होंने कहा कि कंपनियों के खिलाफ लगातार शिकायतें आने पर इनके अधिकारियों रिपोर्ट तलब की गई है। गलत साबित होने पर कंपनियों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। अमित गुलेरिया ने कहा कि उनके स्थान पर दूसरी कंपनियों को जीपीएस लगाने के लिए स्वीकृति प्रदान की जाएगी।