लारजी (कुल्लू)। सैंज घाटी के लारजी में आयोजित दो दिवसीय मेले का मंगलवार को समापन हुआ। इसमें चार देवी-देवताओं ने लाव-लश्कर के साथ शोभा बढ़ाई। मेले में देव परंपराओं का निर्वहन किया गया। अपराह्न 3 बजे के बाद देवता बड़ा छमाहूं कोटला, बड़ा छमाहूं धामण, बड़ा छमाहूं कोटला और माता तोतला मेला स्थल से अपने देवालयों की ओर लौटे। आराध्य देवी-देवताओं के एक साथ दर्शन पाने के लिए पूरा दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
वहीं, सैंज घाटी के देहुरी में माता दुर्गा और देवता पंडीर ऋषि के सम्मान में मेला मनाया जा रहा है। इस मेले का विगत सोमवार को समापन हुआ है, लेकिन देव नियमों और परंपराओं का निर्वहन करने के बाद माता दुर्गा, देवता लक्ष्मी नारायण रैला और देवता पंडीर ऋषि हारियानों के साथ अपने देवालय लौट गए। पांच दिनों तक देहुरी में तीन देवी-देवताओं के देव मिलन का अलौकिक दृश्य देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। संवाद