गड़सा क्षेत्र में मेला देखने गई नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और उसके चाचा से मारपीट करने के मामले में स्पेशल जज कुल्लू प्रेम पाल रांटा की अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी रोनित को दोषी करार देते हुए तीन साल, जबकि अन्य चार आरोपियों को दो साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषियों को जुर्माना भरने के भी आदेश दिए गए हैं। जुर्माना न भरने की सूरत पर दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
चार जून 2013 को एक व्यक्ति अपने भतीजे और भतीजी के साथ गड़सा में मेला देखने गए थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक शाम करीब छह बजे रोनित, शन्नी, शांतनू और दो अन्य मौके पर पहुंच गए। रोनित ने नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी। जब पीड़िता के चाचा ने इसका विरोध किया तो रोनित ने उसके साथ पत्थरों से मारपीट शुरू कर दी। इसी के साथ रोनित के अन्य साथियों ने भी उससे और भतीजे के साथ पत्थरों से मारपीट की, जिससे वह घायल हो गए। मामले को लेकर भुंतर पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया। सभी औपचारिकताओं के बाद मामला कोर्ट में दायर किया गया।
कोर्ट में ट्रॉयल के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयानों के बाद अभियोग साबित होने पर अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया और विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई। कोर्ट ने रोनित को पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत तीन साल कठोर कारावास और दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर छह माह अतिरिक्त सजा के आदेश दिए। जबकि, संदीप कुमार, देवाशीश, हेमराज और वीरेंद्र कुमार को आईपीसी की धारा 506 के तहत दो साल कठोर कारावास, एक हजार जुर्माना और जुर्माना न भरने पर दो महीने की सजा सुनाई। उपरोक्त चारों को कोर्ट ने आईपीसी की धारा 147 के तहत एक साल कैद, एक हजार जुर्माना, जुर्माना न भरने पर दो महीने की सजा के आदेश दिए। चारों को कोर्ट ने आईपीसी की धारा 323 के तहत छह माह की सजा और पांच सौ रुपये जुर्माना और जुर्माना न भरने पर एक माह की कैद की सजा सुनाई। उप न्यायवादी कुल्लू जितेंद्र गोस्वामी ने स्पेशल जज कुल्लू प्रेम पाल रांटा की अदालत से सजा होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में 12 गवाह पेश किए गए थे।