उदयपुर के कुरचेर से छात्रा अपहरण के मामले में जिला सत्र एवं न्यायाधीश कुल्लू प्रेम पाल रांटा की अदालत ने एक आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी को दस हजार जुर्माने के आदेश सुनाए। जुर्माना न भरने की सूरत पर दोषी को अतिरिक्त छह माह का साधारण कारावास की सजा सुनाई। जबकि सबूतों के अभाव में अन्य सह आरोपी बरी हुए हैं। वर्ष 2013 में जिला लाहौल-स्पीति के उदयपुर के सालग्रान में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा अपने मामा के साथ रहती थी। आठ सितंबर 2013 को वह अपने पैतृक घर आई थी। इसके अगले दिन वह अपने मामा घर रवाना हुई।
कुरचेर में बस से उतरने के बाद उदयपुर की तरफ से एक सूमो आई। जिसमें पांच लोग सवार थे। जिन्होंने पीड़ित छात्रा का मुंह उसके दुपट्टे से बांध दिया। इसके बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद पुलिस थाना उदयपुर में आईपीसी का धारा 363/366 के तहत आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज हुआ। मामला जिला सत्र एवं न्यायाधीश की अदालत में रखा गया। ट्रायल के निष्कर्ष में जिला सत्र एवं न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी देशराज को दोषी करार दिया। अभियोग में 16 गवाहों के बयान और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जिला सत्र एवं न्यायाधीश की अदालत ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। इस संबंध में जिला अटार्नी राजेश कुमार ने जिला सत्र एवं न्यायाधीश की अदालत से फैसला होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दोषी की ओर से जुर्माना भरने की सूरत पर आठ हजार रुपये पीड़ित को दिए जाएंगे।