मनाली (कुल्लू)। शहर के समीपवर्ती सियाल गांव में महादेव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा सोमवार को धूमधाम से हुई। घाटी के नौ से अधिक देवी-देवताओं की मौजूदगी में देवदार की लगभग 73 फीट लंबी ध्वजा का रोहण किया गया।
हजारों लोग देवकारज के साक्षी बने। पूरा परिवेश हर-हर महादेव के जयकारे से गूंज उठा। लगभग पांच किलोमीटर दूर से हर-हर महादेव, जय शिव शंकर के जय उदघोष के साथ ध्वजा को खींचकर मंदिर परिसर तक पहुंचाया गया। मंगलवार को भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
सियाल में सियाली महादेव के मंदिर का पुनः निर्माण हुआ है। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा तीन दिन तक चलेगी। रविवार को ध्वजा के लिए देवता ढूंगरी गांव से सटे जंगल गए। प्रतिष्ठा समारोह में देवता शंख नारायण नसोगी, कार्तिक स्वामी सिमसा, गणपति घुड़दौड़, माता हिडिंबा और मनु ऋषि मनाली गांव, देवता नारायण लीगन, माता पार्वती व कार्तिक स्वामी खखनाल भाग ले रहे हैं। सुबह होते ही जंगल में तैयार रखी ध्वजा को लाने के लिए देवता शंख नारायण, कार्तिक स्वामी, गणपति जंगल की ओर गए। हजारों लोगों ने ध्वजा को खींचकर मंदिर परिसर पहुंचाया। शाम को सभी देवताओं की मौजूदगी में ध्वजारोहण की रस्म निभाई गई। घंटों की मशक्कत और देव शक्ति से विशाल ध्वजा का रोहण हुआ। इस देव कारज को पूरा करने में हजारों लोगों ने अपना योगदान दिया। देवता सियाली महादेव के कारदार जय चंद ठाकुर ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2005 में मंदिर की प्रतिष्ठा हुई थी। इसके बाद पुनः मंदिर का निर्माण किया गया गया। अब इसकी प्रतिष्ठा हुई है।